उरई। अभियोजन की कार्रवाई को प्रभावी बनाने की कड़ी में हर जिले में संयुक्त निदेशक की नियुक्ति की जा रही है। जेडी की नियुक्ति से आपराधिक मुकदमों की और ज्यादा कारगर निगरानी संभव होगी।
इसी कड़ी में प्रत्येक जिले में हाईकोर्ट से संबंधित मुकदमों के लिए एक अलग अभियोजन अधिकारी उपलब्ध कराया जायेगा। यह जानकारी डीजी अभियोजन सूर्य कुमार ने दी।
इसी कड़ी में उन्होंने बताया कि अभियोजन अधिकारियों की कमी पूरी करने के लिए सेवा निवृत्त अभियोजन अधिकारियों को संविदा में नियुक्त करने का प्रयोग किया गया है। अन्य राज्यों के 68 वर्ष तक के सेवा निवृत्त अभियोजन अधिकारी भी प्रदेश में इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
गौरतलब यह है कि जालौन जिले में संविदा पर नियुक्त अभियोजन अधिकारी को ही सर्वाधिक सजा कराने के नंबर मिले हैं। डीजी अभियोजन ने कहा कि यह उक्त प्रयोग की कामयाबी का साक्षात नमूना है।






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