उरई। राजकीय इंटर काॅलेज मैदान में बुधवार को आयोजित बसपा के पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में तीनों विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशियों ने भीड़ जुटाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। आयोजन में पार्टी के सभी प्रमुख स्थानीय पिछड़े वर्ग के नेता तो मौजूद रहे लेकिन इस वर्ग के आम लोगों ने कार्यक्रम से दूरी बनाये रखी। संबोधन करने वालों में भी ज्यादातर नेता गैर पिछड़े वर्ग को बिलांग करने वाले थे। उन्होंने पिछड़े वर्ग को बाबा साहब अंबेडकर को फाॅलो न करने के लिए जमकर कोसा।
मुख्य अतिथि के रूप में सभा को संबोधित करते हुए बसपा के जोन काॅर्डिनेटर डाॅ. बृजेश जाटव ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर की मंशा एससी, एसटी के साथ पिछड़ों को भी आगे लाने की थी लेकिन पिछड़ों ने बाबा साहब को नही समझा और इसका खामियाजा उनको भोगना पड़ा। यही वजह है कि यूपी में पिछड़े वर्ग के सबसे कम आईएएस और आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि पिछड़ों की आबादी 52 फीसदी है और इस संख्या के अनुपात में उनकी भागीदारी प्रशासन में होनी चाहिए। पिछड़ों को बहन मायावती का साथ देकर अपनी पुरानी गल्तियों में सुधार करना चाहिए। बहन मायावती और बहुजन समाज पार्टी किसी जाति के खिलाफ नही है लेकिन व्यवस्था परिवर्तन हमारा लक्ष्य है जिसकी वजह से समाज के बड़े तबके को महत्वपूर्ण अवसरों से भेदभाव की नीति के तहत पीछे धकेला गया।
सम्मेलन को बुंदेलखंड और कानपुर जोन के काॅर्डिनेटर एमएससी तिलकचंद अहिरवार, जोन काॅर्डिनेटर मुकेश अहिरवार, पूर्व मंडल काॅर्डिनेटर संजय गौतम, जिलाध्यक्ष शैलेंद्र शिरामणि, विधायक संतराम कुशवाहा, पूर्व कैबिनेट मंत्री अकबर अली, चैनसुख भारती, रविंद्र राजावत हरौली, माधौगढ़ सीट के प्रत्याशी गिरीश अवस्थी, कालपी के छोटे सिंह चैहान और उरई के अजय सिंह ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता नरेश बाबू राठौर ने की।






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