0 ग्राम भेंड़ में दादी के साथ गई थी दवा लेने
0 बाईक सवार कर ले गया था अगवा
कोंच-उरई। कल दिन दहाड़े ग्राम भेंड़ से एक नाबालिग नौ वर्षीय बच्ची के कथित रूप से अगवा हो जाने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामले की एफआईआर भी कोंच कोतवाली में दर्ज कर ली गई थी लेकिन आज बच्ची उसके परिजनों को मिल गई जिससे वे खुश हैं। बताया गया है कि उक्त बच्ची जालौन में मिली है और जालौन पुलिस ने कोंच पुलिस को भी इत्तेला की थी जिस पर कोतवाल देवेन्द्र कुमार द्विवेदी ने बच्ची के पिता को साथ ले जाकर बच्ची उसे दिला दी है। बच्ची अपनी दादी के साथ दवा लेने के लिये अस्पताल गई थी, वहीं से एक बाईक सवार उसे बहला फुसला कर अगवा कर ले गया था। परिजनों के मुताबिक बच्ची और उसकी दादी दोनों ही मानसिक रूप से कुछ डिस्टर्ब हैं।
जानकारी के मुताबिक गुजरे कल मंगलवार को कोतवाली क्षेत्र के ग्राम भेंड़ निवासी रफीक पुत्र रमजानी की नौ बर्षीय बेटी निशा अपनी सत्तर बर्षीय दादी के साथ दवा लेने के लिये गांव के सरकारी अस्पताल जा रही थी। रास्ते में एक बाईक सवार ने अपनी बाईक रोक कर बच्ची को यह कह कर कि उसे अस्पताल छोड़ देगा, अपनी बाईक पर बिठा लिया और चंपत हो गया, जबकि दादी वहीं रह गई। जब काफी देर तक बच्ची का सुराग न मिला तो उसकी खोजबीन शुरू हो गई लेकिन उसका कहीं अता पता नहीं लग सका। बच्ची के पिता रफीक ने देर रात्रि कोतवाली जाकर सारा बाकिया सुनाया। उसकी तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ भादंवि की धारा 363 में एफआईआर दर्ज कर बच्ची की खोजबीन शुरू कर दी थी। आज कोतवाल देवेन्द्र कुमार द्विवेदी को जालौन पुलिस से बच्ची के जालौन में बरामद होने की सूचना मिली तो कोतवाल बच्ची के पिता को लेकर जालौन पहुंच गये और उसे परिजनों के हस्तगत करा दिया। बच्ची कुछ भी बता पाने में असमर्थ बताई जा रही है। बच्ची के पिता का कहना है कि बच्ची और उसकी दादी भी दिमागी तौर पर कुछ कमजोर हैं। समझा जा रहा है कि सड़कों पर घुम रहीं यूपी 100 की गाडियों की आवागच्च से अपहर्ता घबरा गया होगा और उसने बच्ची को जालौन में छोड़ दिया होगा। बहरहाल, यह अभी भी रहस्य ही बना हुआ है कि बच्ची को अपहर्ता क्यों और कहां ले गये और उन्होंने उसे जालौन में रात में कहां रखा होगा।

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