उरई। भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी की नगर इकाई की एक बैठक मजदूर भवन में का. प्रभूदयाल पाल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
बैठक में का. देवेश चैरसिया ने कहा कि ऐसे समय पर डीजल के दाम बढाए गए है जब किसान मजदूर मध्यम दुकानदार नोटबंदी की वजह से रुपयों से परेशान है और बैंकों चक्कर लगा रहे है। केन्द्र की मोदी सरकार एक तरफ किसानों के कर्जे के ब्याज में 60 दिन माफी की घोषणा करती है और दूसरी तरफ तुरन्त ही डीजल के दामों में बढोत्तरी करके किसानों के साथ विश्वासघात करने में लगी है। डीजल के दामों में बढोत्तरी किसानों के साथ कुठाराघात है भाकपा मांग करती है कि डीजल के दामों की बढोत्तरी को अबिलंब वापस लिया जाए। बैठक में प्रभूदयाल पाल ने बताया कि नोटबंदी के 50 दिन पूरे हो जाने के बाद भी कालाधन एवं भ्रष्टाचार खत्म कराने के वायदे की मोदी सरकार की घोषणा खोखली साबित हुई है। नोटबंदी से 90 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। नोटबंदी से उत्पन्न हुई आम जन समस्याओं को लेकर भाकपा 10 जनवरी को समय 12 बजे मजदूर भवन से पैदल मार्च निकालते हुए गांधी चबूतरा पर जनसभा करके विरोध दिवस मनाएगी। बैठक में परशुराम कुशवाहा, विनय पाठक, नूर अफसर, सत्यनारायण, गुफ्फन ठेकेदार, गीता चैधरी, राजू दहगुवां रक्षा अवस्थी, अमित पाल, ओम नारायण पाठक, ऊषा किरन कुशवाहा, शिवकांत चतुर्वेदी, अनीता चैरसिया आदि लोग उपस्थित रहे।






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