उरई। चुनाव आयोग द्वारा प्रदेश विधानसभा के चुनाव का बिगुल बजाये जाते ही प्रशासन सार्वजनिक जगहों से पार्टियों और नेताओं की होर्डिंग हटवाने और वाॅल राइटिंग मिटवाने के लिए यकायक युद्ध स्तरीय हरकत में आ गया है। जिलाधिकारी संदीप कौर ने जिला निर्वाचन अधिकारी की भूमिका में सक्रिय तौर पर आते हुए सभी अधिकारियों को इसके लिए पांचों तहसीलों में दौड़ा दिया है। इसके चलते कुछ ही घंटों में सड़कों और चैराहों का मंजर बदलकर साफ-सुथरा नजर आने लगा।

इसके बाद अपर जिलाधिकारी आरके सिंह ने सदर तहसीलदार के साथ एट पहुंचकर अपनी देखरेख में होर्डिंग हटवाईं। कालपी में उपजिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने पुलिस उपाधीक्षक सुबोध गौतम के साथ पुलिस व नगर पालिका के अमले को लेकर यमुना पुल, दुर्गा चैराहा, मुन्ना फुल पाॅवर चैराहा, टरननगंज चैरहा आदि प्रमुख जगहों पर भाजपा, बसपा, सपा और कांग्रेस सहित सभी दलों की होर्डिंगें हटवाईं। उपजिलाधिकारी ने नगर पालिका के अमले को निर्देशित किया कि दीवारों पर लिखे नारे आज ही पुतवा कर साफ करा दें। शहर में उपजिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी आईएएस की देखरेख में पुलिस के अधिकारियों ने शहर के प्रत्येक चैराहे पर होर्डिंगें उतरवाईं।

उधर निर्वाचन के नोडल अफसर आलोक यादव आईएएस ने बताया कि जिला प्रशासन तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता को प्रभावी करने में जुट गया है। उन्होंने नागरिकों को हिदायत दी कि 20 हजार से अधिक का कैश लेकर निकलने पर हिसाब-किताब कागजों के साथ अपने पास रखें। 9 उड़न दस्ते गठित किये गये हैं जिनके रोकने-टोकने पर उनकों इसका हिसाब-किताब बताने के लिए बाध्य होना पड़ सकता है। संभावित प्रत्याशियों को उन्होंने आगाह किया है कि वे शादी विवाह जैसे मांगलिक समारोहों में तोहफे बांटनें की गलती न करें। अन्यथा समारोह का पूरा खर्चा उनके चुनावी हिसाब-किताब में जोड़ दिया जायेगा। 20 हजार रुपये से अधिक का चंदा नगदी में बताने पर स्वीकार नही होगा। उन्होंने ध्यान दिलाया कि उत्तर प्रदेश में एक निर्वाचन क्षेत्र में प्रत्याशी के लिए चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा आयोग ने 28 लाख रुपये तय की है।
ध्यान रहे कि जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर चुनाव की बाकायदा अधिसूचना 03 फरवरी को जारी की जायेगी और मतदान 23 फरवरी को होगा। पूरे बुंदेलखंड में चुनाव आयोग ने चुनाव प्रक्रिया चैथे चरण में संपन्न कराने का कार्यक्रम निर्धारित किया है।






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