उरई। चुनाव आयोग की हुकूमत कायम होने के बाद मतदाता बेखौफ हो पायें या न हो पायें लेकिन लोकप्रिय शासन के पांच वर्षों में हमेशा सकपका कर काम करने के लिए मजबूर रही पुलिस शायद भयमुक्त हो गई है जिसका उदाहरण सपा की लोकल राजधानी कहे जाने वाले डकोर क्षेत्र में अवैध खनन करने वालों की टैªैक्टर जब्ती की उसकी शुक्रवार को कार्रवाई के रुप में दिखा।
लोकप्रिय शासन में खनिज सम्पदा को राम नाम की लूट समझकर नदी से लेकर खेत तक खोदने वाले पराक्रमियों की ओर बेचारी पुलिस मुंह करके देख भी नही पाती थी। हालांकि उसकी इस विनीत सेवा की बख्शीश सत्ता के कारिन्दे देना नहीं भूलते थे। आखिर टिप्स देने का सलीका तो सरकार और मालिक बिरादरी के लोगों में होता ही है।
लेकिन चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होते ही निजाम बदला तो निरी पुलिस के तेवर भी बदल गये। डकोर में राठ रोड के किनारे पर रोज मर्रा की तरह 40-50 ट्राॅली मिट्टी खोदकर भर ली गई थी। इसी बीच पुलिस पहुंच गई। दबंगों ने पहले की ही तरह पुलिस को दबकाकर खदेड़ने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने दबने की बजाय 1-2 के कंटाप पर हथेली की छाप जैसे ही दी। उनकी घिग्गी बंध गई। इसके बाद पुलिस ने सभी ट्रैक्टर थाने में खड़े करा लिए और पकड़े गये बंधुओं के चालान कर दिये।

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