• अब तक पांच सैकड़ा लोगों के विरुद्घ हो चुकी है शांति भंग की कार्यवाही
  • बूथों का भी मुआयना कर खामियां देख रहे हैं कोतवाल
    कोंच। गुजरी 4 जनवरी को यूपी में चुनावी बिगुल फुंकते ही प्रशासन हरकत में आ गया है। शहर, कस्बा और ग्रामीण अंचलों में प्रचार के तौर पर टांगी गई सामग्री को सख्ती के साथ हटवाने की कार्यवाही तो आचार संहिता लागू होने के एक घंटे के भीतर ही शुरू हो गई थी और अधिकारियों ने सभी तरह के कर्मचारियों को आचार संहिता का अक्षरश: पालन सुनिश्चित कराने के कड़े निर्देश भी जारी कर दिये हैं जिसके तहत ग्रामों में अमल भी शुरू हो गया है। इधर, पुलिस ने चुनाव दौरान गड़बड़ी फैला सकने बालों को चिन्हित कर उन्हें शांति भंग की धाराओं में पाबंद करना शुरू कर दिया है। विभिन्न गांवों में अब तक तकरीबन पांच सैकड़ा लोगों के विरुद्घ शांति भंग की कार्यवाही की जा चुकी है और यह क्रम अभी लगातार बना हुआ है। कोतवाल देवेन्द्रकुमार द्विवेदी खुद गांवों में जाकर शस्त्र जमा कराने और बूथों का निरीक्षण करने में लगे हैं।
    मिली जानकारी के मुताबिक चांदनी में 19, दिरावटी में 19, बरसेसी में 11, भदेवरा में 21, जुझारपुरा में 42, दोहर में 14, चमरसेना में 12, कैथी में 27, बसोब में 15, घुसिया में 14, विरगुवां बुजुर्ग में 28, अंडा में 67, डाढी में 20, कौशलपुर में 22, ब्यौना रियासत में 10, विरौरा में 10, तिलकनगर में 11, महंतनगर में 15, पचीपुरा कलां में 10, पडऱी में 25, तूमरा में 16, भदारी में 12, चमड़ा ठाकुरपुर में 20, खकल में 14, ऊमरी में 15 तथा अन्य 12 लोगों के विरुद्घ पाबंदी में कार्यवाही की गई है। कोतवाल देवेन्द्रकुमार द्विवेदी ने अपने सभी अधीनस्थों को तो लगाया ही है कि वे अपने अपने हलकों में जाकर गांवों की स्थितियां देखें, वहां बूथों को चेक करें और शस्त्रधारकों के शस्त्र जमा करायें, वे खुद भी संबंधित गांवों के अपराध रजिस्टर साथ लेकर गांव गांव भ्रमण कर रहे हैं। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया है कि वे बिना किसी डर भय के अपना वोट इच्छित उम्मीदवार के पक्ष में करने के लिये स्वतंत्र हैं और अगर कोई गुंडा मवाली या दबंग उन्हें दबाव में लेने की कोशिश करे तो वे उन्हें बतायें। उन्होंने सिमिरिया, विरगुवां बुजुर्ग, भदारी सहित कई गांवों का भ्रमण किया।

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