0 मामला अखिलेश की फोटायुक्त थालियां बांटने का
cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngकोंच-उरई। नदीगांव ब्लॉक के सिवनी बुजुर्ग स्कूल में बच्चों को अखिलेश यादव के फोटायुक्त थालियां गिलास बांटने की खबर मीडिया में आने के बाद हरकत में आये प्रशासन ने जब इस मामले की जांच कराई तो मामला पुरानी फोटो वायरल होने का सामने आया। स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि उन्हें आचार संहिता के बारे में जानकारी है और वह इसका पालन करने के प्रति कटिबद्ध हैं। मामले की जांच एसडीएम ने भी अपने स्तर से कराई है और बताया है कि शिक्षकों को जो सामग्री उपलब्ध कराई गई थी वह उनके स्टॉक में मौजूद है।
नदीगांव विकास खंड के ग्राम सिवनी बुजुर्ग के जूनियर हाईस्कूल को लेकर एक खबर मीडिया में आई थी कि वहां आचार संहिता लगने के बाद भी सीएम अखिलेश यादव की फोटो लगी थालियां बच्चों में वितरित की गई हैं। इस खबर के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया और आला अधिकारियों की ओर से मामले की जांच के आदेश कर दिये गये थे। मिली जानकारी के मुताबिक एसडीएम भी इस मामले की जांच अपने स्तर से करने में जुटे थे और उन्हें विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष लालताप्रसाद और ग्राम प्रधान की ओर से लिखित में कहा गया है कि ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है और 5 जनवरी तक विद्यालय बंद था। इसके बाद वर्तनों का किसी भी प्रकार का वितरण नहीं किया गया है। स्कूल के प्रधानाध्यापक भगवान सिंह व सहायक अध्यापक महेशचंद्र निरंजन ने भी कहा है कि उन्हें बच्चों के सापेक्ष चालीस प्रतिशत वर्तन जिसमें 37 थालियां और इतने ही गिलास दिये गये थे जो अभी भी उनके स्टॉक में मौजूद हैं। फोटो को लेकर जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने बताया कि काफ दिनों पहले पुराने वर्तन बच्चों को दिये गये थे उसी फोटो को लेकर यह खबर बनाई गई है। एसडीएम मोईन उल इस्लाम का इस बाबत कहना है कि एडीएम ने इस मामले में उनसे रिपोर्ट मांगी है, प्रधानाध्यापक का बयान लेकर रिपोर्ट एडीएम को भेजी जा रही है। अगर अध्यापकों का बयान सही है तो कोई मामला बनता ही नहीं है लेकिन अगर बात सही पाई जाती है तो दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की जायेगी।

बिना वजह टीचरों को परेशान न किया जाये-कृष्णकांत
konch7नदीगांव ब्लॉक के प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष कृष्णकांत वाजपेयी का कहना है कि बिला बजह शिक्षकों को परेशान न किया जाये और इस तरह का यदि कोई मामला आता है तो पहले शिक्षक का पक्ष भी सुन लिया जाये और उसे भी कार्यवाही में शामिल किया जाये। उनका साफ कहना है कि अध्यापक नौनिहालों को गढने का काम करते हैं उन्हें राजनीति में न घसीटा जाये। उन्होंने कहा है कि सिवनी बुजुर्ग में आचार संहिता के उल्लंघन का कोई मामला नहीं है।

फोटो-कृष्णकांत वाजपेयी

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