उरई। बसपा प्रत्याशियो की लखनउ में जारी तीसरी सूची में पार्टी सुप्रीमो मायावती ने सारी अटकलों को दरकिनार कर जिले की तीनों बिधानसभा सीटों पर पूर्व मंे तय किये गयें प्रत्याशियों को ही बहाल रखा है। श्निवार को इसकी जानकारी मिलने के बाद बसपा जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र शिरोमणि के नेतृत्व में पार्टी के कार्यकर्ताओ ने जमकर इसका जश्न मनाया। शिरोमणि ने कार्यकर्ताओं को मिठाई खिलाकर चुनावी युद्व के लिए उनमें जोश फूका ।

शैलेन्द्र ने कार्यकर्ताओ से कहा कि वे बहन जी द्वारा जारी की गयी हिदायतों के मुताबिक चुनाव प्रचार में जुटे । पार्टी अनुशासित ढंग से चुनाव लड़ने की कायल है। चुनाव आयोग द्वारा लागू की गयी आदर्श आचार संहिता का पूरी तरह पालन करनेे का ध्यान रखना होगा। उन्होने कहा कि प्रदेश के मतदाताओं का रूझान बसपा की ओर है। हर बूथ पर अधिकतम मतदान का प्रयास करने की रणनीति बनाई गयी है। जिसे अमली रूप देने मे कार्यकर्ता कोई कसर न छोड़े ।
गौरतलब है कि 2007 के चुनाव में बसपा ने जिले की तीन में से दो सीटें हथियाली थी लेकिन 2012 में प्रत्याशी बदलने का फैसला उसे भारी पड़ा जिससे पार्टी को कालपी की सीट गवां देनी पड़ी जबकि उरई सीट पर कब्जा करने की हसरत भी अधूरी रह गयी । हालांकि इस बार भी माधौगढ के सीटिंग एम.एल.ए का टिकट बसपा ने कटा है और इस सीट से पार्टी के लिए नये चेहरें गिरीश अवस्थी पर दांव लगाया हैं क्योकि गिरीश का परिवार जिले में ब्राम्हणों के सबसे असरदार और राजनैतिक पृष्ठभूमि वाल परिवार में गिना जाता है। दूसरी ओर कालपी में पार्टी के ही पूर्व विधायक छोटें सिंह चैहान और उरई में कोंच से पार्टी के विधायक रह चुके अजय सिंह को आजमाया है।







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