कोंच-उरई। चुनाव का बिगुल फुंकते ही अधिकारी आचार संहिता को लेकर चकरघिन्नी बन गये हैं और आचार संहिता का कितना पालन हो रहा है और कहां कहां पोस्टर बैनर व होर्डिंग्स हटवाये गये तथा दीवार लेखन को कितना पुतवाया जा सका है, इस पर नजर गड़ाने के लिये अधिकारियों की अलग अलग टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण पर निकली हैं

आदर्श आचार संहिता का अनुपालन किए जाने का भौतिक सत्यापन के क्रम में कैलिया रोड स्थित ग्रामों का निरीक्षण राजस्व निरीक्षक पहाडग़ांव एवं राजस्व निरीक्षक जगनपुरा के साथ तहसीलदार भूपाल सिंह ने किया। ग्राम घमूरी व ऊमरी में बैनर, पोस्टर, होर्डिंग हटाने एवं दीवार लेखन को मिटाने का कार्य असंतोषजनक मिला। यही स्थिति ग्राम सलैया बुजुर्ग की भी थी, संबंधित लेखपालों को जब बुलाकर इस शिथिलता के विषय में पूछताछ की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि ब्लॉक स्तरीय कर्मियों व ग्राम प्रधानों द्वारा सहयोग नहीं किया जा रहा है। आवश्यक निर्देश व समन्वय के पश्चात उक्त ग्रामों में वांछित कार्य विलम्बतम आरंभ हो कर देर शाम तक जारी रहा। कैलिया, बरहल आदि ग्रामों में कार्य संतोषजनक पाया गया, जबकि पीपरी कलां व देवगांव में वॉल पेंटिंग की सफाई पुताई का कार्य शेष रह गया था जिसे लेकर कल तक यह कार्य प्रत्येक दशा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।

इधर, उपजिलाधिकारी मोईन उल इस्लाम, पुलिस उपाधीक्षक नवीनकुमार नायक की टीम नदीगांव क्षेत्र में घूमी और जहां भी पोस्टर बैनर या होर्डिंग्स उन्हें टंगे दिखाई दिये, तत्काल उतरवा दिये गये। एसडीएम व सीओ ने मध्यप्रदेश से लगते बॉर्डर तक भ्रमण किया तथा इलाकाई पुलिस को कड़े निर्देश दिये कि किसी भी सूरत में अवांछनीय वस्तु सीमा पार से अंदर नहीं आनी चाहिये। अधिकारियों ने आने जाने बाले वाहनों को भी चेक किया और उन पर लगे राजनैतिक दलों के झंडे तत्काल हटवाये। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अधिकारियों की बातों पर कितना अमल हो पाता है या फिर सब कुछ यूं ही चलता रहेगा।






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