0 मामला कोंच व नदीगांव ब्लॉकों में बन रहे साढे तीन दर्जन आंगनबाड़ी केन्द्रों का
konch6कोंच-उरई। चुनाव की घोषणा होने के बाद एक तरफ निर्वाचन आयोग एवं प्रशासन आचार संहिता का पाठ पढा रहे हैं तो दूसरी तरफ सरकारी विभाग ही आचार संहिता की धज्जियां उड़ाने में लगे हैं। ऐसा ही एक मामला आज स्थानीय प्रशासन के संज्ञान में लाया गया जिसमें कोंच एवं नदीगांव ब्लॉकों में आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण को ग्राम प्रधानों ने आचार संहिता का खुला उल्लंघन बताते हुये आवश्यक कार्यवाही किये जाने और केन्द्रों का निर्माण रोके जाने की मांग की है।
ग्राम प्रधान ऊंचागांव आमोद उदैनिया व तूमरा जितेन्द्र पांडे की अगुवाई में दोनों ब्लॉकों कोंच एवं नदीगांव के दर्जनों प्रधानों ने चुनाव आयुक्त को संबोधित ज्ञापन एसडीएम मोईन उल इस्लाम को देकर कहा है कि क्षेत्र पंचायत नदीगांव व कोंच अंतर्गत तकरीबन साढे तीन दर्जन आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण का काम चुनाव घोषणा से पूर्व दर्शा कर अब शुरू कराये जाने की कवायद की जा रही है जो आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। अभी तक किसी भी आंगनबाड़ी केन्द्र का निर्माण कार्यस्थल पर शुरू नहीं किया गया है लेकिन सामग्री आदि वहां डंप किये जाने से यह अंदेशा गैरबाजिब नहीं है कि उन केन्द्रों पर एकाध दिन में ही काम शुरू कराया जा सकता है। यहां चैंकाने बाला तथ्य यह है कि यह कार्य बिना भूमि प्रबंध समिति (ग्रामसभा) के प्रस्ताव के ही शुरू कराये जा रहे हैं। प्रधानों की मांग है कि उक्त निर्माण कार्य होने से रोका जाये ताकि आदर्श चुनाव आचार संहिता की शुचिता बरकरार बनी रहे। इस दौरान अवध विहारी गुप्ता, मोनिका, मिथला देवी, सुबोध कुमार, रामगोविंद, हरगोविंद, शिवराज सिंह, प्रभूदयाल, धर्मसिंह, संजीव कुमार, रामलखन, हरीमोहन, सुनील गुर्जर, संध्यादेवी, राघवजी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
ग्राम पंचायत को बनाया जाये कार्यदायी संस्था
ग्राम प्रधानों ने अलग से एक ज्ञापन राज्यपाल को संबोधित करते हुये एसडीएम को दिया है कि विकास खंड नदीगांव में 26 और कोंच में 16 आंगनबाड़ी केन्द्रों का निर्माण प्रस्तावित है जिनमें ग्राम पंचायत के चैदहवें वित्त का 1.06 लाख, मनरेगा का 5 लाख एवं बाल विकास पुष्टाहार का 2 लाख रुपया यानी कुल 6.06 लाख इस निर्माण पर खर्च किया जाना है। निर्माण स्थल भी ग्राम सभा है लेकिन कार्यदायी संस्था क्षेत्र पंचायत को बनाया गया है जो नितांत गलत है, कार्यदायी संस्था ग्राम पंचायत को बनाया जाये। इसके इलावा स्कूल की भूमि सुरक्षित है एवं इस पर भूमि प्रबंध समिति अर्थात् ग्राम सभा का अधिकार होता है। किसी भी निर्माण के लिये स्थल चयन का अधिकार ग्राम सभा को होता है लिहाजा उसका प्रस्ताव लेना आवश्यक है। इसके साथ ही कई अन्य मांगें भी इस मांग पत्र में शामिल हैं।

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