उरई। जीसीए चिटफंड कंपनी द्वारा चकमेबाजी करके चलायी जा रही गैरकानूनी बैंक की ओर प्रशासन लंबे समय तक आंखे मूंदे रहा। अब यह कंपनी जबकि एफडी की मैच्योरिटी टाइम पूरा हो जाने के बावजूद भी लौटा पाने की स्थिति में नही बची है तो कंपनी के एनसीसी कार्यालय के पीछे उसका दफ्तर बवाल का अखाड़ा बन चुका है जिससे प्रशासन और पुलिस को कानून व्यवस्था के लिए कभी भी कोई गंभीर स्थिति बन जाने का अंदेशा सताने लगा है।
मंगलवार को निवेशकों ने कंपनी के दफ्तर में उग्र प्रदर्शन किया। इसके बाद कंपनी के सीनियर अधिकर्ताओं और आंदोलनकारियों के बीच द्विपक्षीय वार्ता के बाद 14 जनवरी तक की मोहलत उन्हें और देने की सहमति बन गई। अगर इसके बाद भी भगुतान न हुए तो 15 जनवरी से कंपनी के परिसर में अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी जायेगी।
मंगलवार को प्रदर्शन में भाकपा के माले के पूर्व राज्य कमेटी के सदस्य काॅ. केएस राणा, एपवा की जिला संयोजक रौली सिंह भदौरिया भी इस अवसर पर मौजूद थीं। निवेशकों में धर्मेंद्र, आरजे वर्मा, सुनीता, मंजू सविता, अनिल विश्वकर्मा, ओपी सिंह, कमलेश, विनीता, सलिल सीरौठिया, ओमप्रकाश गुप्ता सहित दर्जनों लोगों ने प्रदर्शन में भाग लिया।

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