कोंच-उरई। सरकारी शिक्षा का बुरा हाल है, कहीं स्कूल बंद तो कहीं स्कूल में अध्यापक ही नदारत मिले। चुनाव आचार संहिता देखने ग्रामीण अंचलों में निकले एसडीएम ने चलते चलाते जब स्कूलों की हालत पर गौर फरमाने का प्रयास किया तो उन्हें यही तस्वीर नजर आई। यह स्थिति देख नाराज हुये एसडीएम ने खंड शिक्षा अधिकारी को बदहाल व्यवस्था के लिये जिम्मेदार ठहराया है। सारी रिपोर्ट बना कर उन्होंने जिलाधिकारी को भेजी है।
एसडीएम मोईन उल इस्लाम के निरीक्षण में परिषदीय विद्यालयों में अध्यापक नहीं मिले। कहीं विद्यालय बंद मिला तो कहीं छात्र अनुपस्थित मिले। बेसिक शिक्षा की बदहाल व्यवस्था की रिपोर्ट एसडीएम ने जिलाधिकारी को भेजी है। एसडीएम ने ग्राम बिरगुवां खुर्द स्थित कन्या प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया, तो पाया कि विद्यालय बंद है। यहां बच्चे आए थे लेकिन अध्यापक अनुपस्थित थे। एसडीएम काफी देर तक वहां इंतजार करते रहे, इसके बाद भी कोई अध्यापक विद्यालय नहीं पहुंचा। यहां से वह चांदनी गांव पहुंचे, जहां प्राथमिक विद्यालय खुला तो मिला लेकिन विद्यालय में अध्यापक व छात्र दोनों मौजूद नहीं थे। कुछ देर बाद विद्यालय पहुंची सहायक अध्यापिका ने ताला खोला। यहां से निकल कर एसडीएम बसोव प्राथमिक विद्यालय पहुंचे, जहां अध्यापक अनुपस्थित थे लेकिन चार छात्र विद्यालय में मौजूद मिले जो अध्यापक के आने बाट जोह रहे थे लेकिन कोई नहीं आया। एसडीएम को किसी भी विद्यालय में मिड डे मील बनता नहीं मिला। बेसिक शिक्षा की इस हालत को देख एसडीएम खासे नाराज दिखे, उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी को बदहाल शिक्षण व्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठहराया। इसके साथ ही निरीक्षण रिपोर्ट डीएम को अग्रिम कार्रवाई के लिए भेज दी।






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