कोंच-उरई। चुनाव को लेकर हालांकि प्रशासन पूरी तरह से सख्ती पर आमादा है और जहां भी उसे दिखता है कि आचार संहिता का उल्लंघन हो रहा है, अधिकारी अपना डंडा चलाने में जरा भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। इसके बाबजूद चूंकि अधिकारी की नजर गहराई नहीं नाप रही होती है सो तमाम जगह आचार संहिता की चिंदियां हवा में उड़ती दिखाई देने लगती हैं।

चित्र में दर्शायी गईं दोनों बाईकों का सबसे गहमागहमी बाली जगह तहसील और उसके इर्द गिर्द पाया जाना लगभग रोज का ही काम है लेकिन इन पर अधिकारियों या सरकारी कर्मचारियों की शायद नजरें अभी नहीं पड़ी हैं। खास बात इनमें से एक में यह है कि इस पर पुलिस की पट्टिका लगी है और सपाई रंग में यादव लिखा होना क्ैया इस बात की तस्दीक करना नहीं है कि जब सैंया भये कोतवाल तो डर काहे का, यानी जब सरकार अपनी है तो कुछ भी करेंगे। दूसरी बाईक पर कमल निशान का स्टिकर लगा है जिसकी सरकार केन्द्र से देश को हांकने का काम कर रही है। यहां कहने का आशय सिर्फ इतना ही है कि आदर्श आचार संहिता का अनुपालन कराना जितनी जिम्मेदारी प्रशासन की है क्या उतनी ही जिम्मेदारी एक आम नागरिक की नहीं है? अगर है तो इस तरह के मामले सामने आने ही नहीं चाहिये थे।
इंसेट में-
फोटो-कोंच2-पचीपुरा बूथ देखने पहुंचे एसडीएम व सीओ
बूथों पर अनुमन्य सुविधाओं का लिया जायजा
कोंच। चुनावी तैयारियों का जायजा लेने में जुटे अधिकारियों की प्राथमिकता बूथ कंपलीट करने को लेकर है। निर्वाचन आयोग के निर्देश हैं कि बूथों पर सभी जरूरी सुविधायें जरूर हों ताकि मतदाताओं को किसी भी प्रकार की दिक्कत न पेश आये। इसी क्रम में लगभग रोज ही स्थानीय प्रशासन के अधिकारी ग्रामीण इलाकों का भ्रमण कर बूथों की स्थिति देख कर ऊपर जिला निर्वाचन अधिकारी को रिपोर्ट कर रहे हैं। शुक्रवार को भी एसडीएम मोईन उल इस्लाम एवं पुलिस उपाधीक्षक नवीनकुमार नायक ने कोंच एवं नदीगांव विकास खंडों के कई गांवों का दौरा कर बूथ देखे। वे गुरावती, पचीपुरा कलां, छानी, भेंड़ आदि गांवों के बूथ देखने पहुंचे जहां
छिटपुट कमियां छोड़ सब कुछ ठीक ठाक मिला। भेंड़ गांव के बूथ पर कमरे की खिड़की में पल्ले नहीं लगे थे जिन्हें लगवाने के निर्देश दिये गये। इसके अलावा यहां वॉल पेंटिंग साफ तो कराई गई थी लेकिन कुछ जगहें छूट गई हैं जिन्हें पुतवाने के निर्देश सचिव को दिये गये हैं। इधर, पचीपुरा बूथ में स्कूल में बिजली के बोर्ड लगवाने में हीलाहवाली से नाराज एसडीएम ने प्रधानाध्यापक को तत्काल बोर्ड लगवाने के निर्देश दिये हैं।






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