कोंच-उरई । जैसे जैसे चुनाव की तिथियां नजदीक आती जा रहीं हैं, अधिकारियों का काम और भी तेज होता जा रहा है। सोमवार को एसडीएम व तहसीलदार ने बीएलओज तथा सुपरवाइजर्स के साथ बैठक करके उन्हें आचार संहिता का अनुपालन कराने के अलावा चुनाव संबंधी अन्य कामों के भी कड़े निर्देश दिये। बीएलओज को अब प्रत्याशियों के खर्चों पर भी निगाहें जमाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जैसा कि निर्वाचन आयोग के निर्देश हैं कि एक प्रत्याशी कुल 28 लाख खर्च कर सकता है, सो बीएलओ को अपने अपने इलाकों में उनकी गतिविधियों पर पैंनी निगाहें गड़ानी होंगी और इसकी सूचना प्रशासन में बैठे अधिकारियों तक पहुंचानी होगी।
एसडीएम मोईन उल इस्लाम व तहसीलदार भूपाल सिंह ने साफ निर्देश दिये कि प्रत्याशी के काफिले में पांच गाडिय़ों से ज्यादा काफिला नहीं चल सकेगा, इससे ज्यादा गाडिय़ां यदि उनके काफिलों में दिखती हैं तो इसकी सूचना तत्काल उन्हें दें। प्रत्याशियों की जनसभाओं पर भी बीएलओज को निगरीनी रखनी होगी, यदि उस दौरान किसी तरह के धार्मिक, जातिगत या अन्य भड़काऊ तरह के भाषण जन सभाओं में होते हैं तो इसकी सूचना तुरंत यूपी 100 डायल को दें ताकि उन सभाओं के खिलाफ विधिसम्मत कार्यवाही की जा सके। नये मतदाताओं के 10 हजार 96 मतदाता पहचान पत्र भी बन कर आ गये हैं जिन्हें बांटने के लिये संबंधित बीएलओ को दे दिया गया है, इन निर्देशों के साथ कि दो-तीन दिन में इनका वितरण हो जाना चाहिये। अधिकारियों ने उन्हें यह भी निर्देश दिये कि यदि कहीं से मतदान के बहिष्कार की सूचना मिलती है तो वहां के मतदाताओं को यह समझाना होगा कि बहिष्कार किसी भी समस्या का हल नहीं है बल्कि वे नोटा विकल्प अपना कर अपने मत का प्रयोग अवश्य करें। उन्होंने कहा कि बीएलओ के रूप में तो यह जिम्मेदारी निभानी ही है, भारत के जिम्मेदार नागरिक होने के नाते भी उनकी जिम्मेदारी और भी बड़ी हो जाती है। इसके बाद अधिकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों की ओर रुख किया जिसमें वल्नरेबुल बूथों का निरीक्षण किया गया। उन्होंने तीतरा खलीलपुर, क्योलारी और खकसीस गांवों में बूथों का जायजा लिया।

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