0 समर्पण जन कल्याण समिति ने किया चैदह सूत्रीय घोषणा पत्र तैयार
कोंच-उरई। आसन्न विधानसभा चुनाव में जहां एक तरफ राजनैतिक दल अपने अपने घोषणा पत्र लेकर जनता के बीच आने वाले हैं, वहीं दूसरी तरफ यहां के एनजीओ विभिन्न दलों के प्रत्याशियों को स्थानीय मुद्दों और समस्याओं पर घेरने और चुनाव बाद घोषणा पत्र में अपेक्षित मुद्दों पर उनसे काम कराने की रणनीति तैयार करने में जुटे हैं। यहां की नामी गिरामी संस्था समर्पण जन कल्याण समिति के निदेशक राधेकृष्ण ने पत्रकारों के बीच इन मुद्दों का खुलासा करते हुये कहा है कि सभी पार्टियां अपने घोषणा पत्र में इन समस्याओं और मुद्दों को स्थान दें इसके लिये यह चैदह सूत्रीय अनुरोध पत्र तैयार किया गया है। इससे गरीबों और वंचितों की अपेक्षाओं पर कार्य करना सुगम होगा।
अपने आवास पर बुलाई गई प्रेस कान्फें्रस में राधेकृष्ण ने कहा कि यह घोषणा पत्र सामान्य जन समुदाय की आवश्यकताओं को ध्यान में रख कर तैयार किया गया है, खासतौर पर उन लोगों की महत्वाकांक्षायें इसमें समाहित की गई हैं जो दलित, पिछड़े और अनुसूचित जाति वर्ग के गरीब व मजदूर किस्म के उपेक्षित लोग हैं। इस घोषणा पत्र में छोटे-बड़े किसान, खातेपीते व हैसियतदार लोग वे चाहे जिस जाति या धर्म से बाबस्ता हों, सभी पुरुषों और महिलाओं के विचार आये और उनके मनोभावों व विचारों को समेट कर इसमें पिरोने की कोशिश की गई है। इसे तैयार करने के लिये उपवन द्वारा गत अक्टूवर माह में पूर्वांचल की समस्याओं को लेकर वाराणसी में 20 अक्टूवर 2016 को 56 स्वैच्छिक संगठनों के साथ क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की गई थी। इसके अलावा प्रदेश के शेष जिलों के 52 नागरिक समाज संगठनों के साथ लखनऊ में 27 अक्टूवर को कार्यशाला की गई थी। इसके साथ साथ यूपी के लगभग 150 स्वैच्छिक संगठनों ने अपने कार्यक्षेत्र में लोगों से विचार विमर्श किया और जन घोषणा पत्र में शामिल किये जाने हेतु गरीब, दलित, वंचित समूहों की आवाज को लिपिवद्घ किया है। उन्होंने आम जनता का आह्वान किया है कि इस घोषण पत्र को राजनैतिक दलों के घोषणा पत्रों में स्थान दिलाने के लिये बाकायदा मुहिम चला कर उन पर दबाव बनायें। इस दौरान शिवानी श्रीवास्तव, डॉ. मुदुल दांतरे आदि मौजूद रहे।






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