कोंच-उरई। तीन दिन पूर्व एट थाना क्षेत्र के ग्राम जमरोही कलां में दलित भगवानदास की हत्या ईंटे के कूंच कर किये जाने की कहानी उभर कर सामने आ रही है। पुलिस की अगर मानें तो मृतक और आरोपी आपस में गहरे मित्र भी थे और उनका आपस में लेन देन का भी व्यवहार था। हालांकि हत्या का कारण अभी भी स्पष्ट नहीं हो सका है लेकिन सूत्रों की अगर मानें तो इसके पीछे भी कहीं न कहीं लेन देन का ही विवाद बताया गया है।
गुजरी 15 जनवरी को तहसील तथा सर्किल कोंच के एट थाना क्षेत्र के ग्राम जमरोही कलां में दलित विरादरी के भगवानदास अहिरवार नामक वृद्ध की हत्या गांव के ही पूर्व प्रधान ज्ञानसिंह कुशवाहा द्वारा कर दी गई थी और लाश गांव के ही तालाब के किनारे दबा दी गई थी। कल हालांकि हत्याकांड के एक आरोपी पूर्व प्रधान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है लेकिन हत्या का मोटिव और हत्या का तरीका अभी भी पर्दे में ही है। सूत्रों की अगर मानें तो यह हत्या बिना किसी मोटिव के भी की गई हो सकती है क्योंकि मृतक और आरोपी आपस में अच्छे मित्र भी थे और न केवल लेन देन अपितु खाने-पीने और मौज-मस्ती में भी हम प्याला हम निवाला अक्सर रहते थे। घटना के दिन भी खाने पीने का दौर चल रहा था और समझा जा रहा है कि इसी दरम्यान किसी बात को लेकर बतंगड़ बन गया और इनके एक और साथी मानवेन्द्र सिंह निवासी मड़ोरा थाना पूंछ ने पास पड़ी कोई ईंट भगवानदास के सिर में दे मारी जिससे इसकी मौत हो गई। हालांकि इस बीच ऐसी भी खबर मिल रही है कि ज्ञानसिंह का कुछ पैसा भगवानदास के पास था जिसे उसके द्वारा मांगे जाने पर उसने इंकार कर दिया और बात हत्या तक जा पहुंची। पुलिस पूर्व प्रधान को जेल भेजने की तैयारी में है, लेकिन अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी और घटना का अभी पर्दाफाश होना बाकी है। इस बाबत सीओ नवीन कुमार नायक का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जो भी घटना में संलिप्त होगा उसकी शीघ्र ही गिरफ्तारी की जायेगी।






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