0 गुटखे से लेकर अन्य सामानों तक में इस्तेमाल हो रही पालीथिन
0 अंकुश लगा पाने में प्रशासन पूरी तरह नाकाम
उरई। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद भी जिले में प्लास्टिक पालीथिन के उपयोग पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। शहर में धडल्ले से प्लास्टिक की पॉलीथिन का उपयोग किया जा रहा है। वहीं प्रशासन इस पर मौन साधे हुए है। गुटखे से लेकर ठेला दुकानदार व अन्य दुकानों तक में प्लास्टिक पालीथिन का उपयोग किया जा रहा है। इससे पर्यावरण और लोगों की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। एक वर्ष पूर्व हाईकोर्ट द्वारा पूरे प्रदेश में प्लास्टिक की पालीथिन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई थी। शुरुआती दौर में प्रशासन, पुलिस व नगर पालिका द्वारा इस आदेश को प्रभावी करने के लिए सक्रियता दिखाई गई पर अब इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। बीते कई महीनों से प्लास्टिक पालीथिन के खिलाफ कोई अभियान नहीं चलाया गया है। इसके चलते बाजार में धड़ल्ले से पालीथिन का उपयोग किया जा रहा है। इससे लोगों की सेहत के साथ ही पर्यावरण पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। सब्जी, फल आदि बेचने वाले ठेला दुकानदारों से लेकर बड़ी दुकानों तक में प्लास्टिक पालीथिन उपयोग में लाई जा रही है। इससे हाईकोर्ट के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड रही हैं। वहीं शहर में सक्रिय अवैध गुटखा कारोबारी भी न्यायालय के आदेशों का जमकर मखौल उड़ा रहे हैं। करीब दो दर्जन से अधिक गुटखा कारोबारियों द्वारा गुटखा बेचने के लिए प्लास्टिक की पालीथिन का उपयोग किया जा रहा है। इस पर प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। बीते कई महीनों से इसके खिलाफ अभियान न चलाए जाने से प्लास्टिक पालीथिन का कारोबार एक बार फिर से फल-फूलने लगा है जिस पर अंकुश लगा पाने में प्रशासन पूरी तरह नाकाम नजर आ रहा है। अब देखना यह है कि हाईकोर्ट के इस आदेश को लागू कराने के लिए प्रशासन को कब सुध आती है।

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