0 मामला कोंच व नदीगांव ब्लॉकों में बन रहे साढे तीन दर्जन आंगनबाड़ी केन्द्रों का
कोंच-उरई। बात अगर सरकारी विभाग की हो तो आचार संहिता के मायने शायद बदल जाते हैं तभी तो कोंच व नदीगांव विकास खंडों में बनने बाले आंगनबाड़ी केन्द्रों का के निर्माण का काम उस सूरत में भी बदस्तूर जारी है जब एसडीएम कार्य रोकने के आदेश निर्देश जारी कर चुके हैं। हालांकि कई केन्द्रों का निर्माण कार्य रुक गया है लेकिन तमाम जगह अभी भी काम लगातार जारी होने से ग्राम प्रधानों में आक्रोश है और वे इसकी शिकायत निर्वाचन आयोग से करने बाले हैं।
चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद एक तरफ निर्वाचन आयोग एवं प्रशासन आचार संहिता का पाठ पढा रहे हैं तो दूसरी तरफ सरकारी विभाग ही आचार संहिता की धज्जियां उड़ाने में लगे हैं। ऐसा ही एक मामला प्रशासन के संज्ञान में लाया गया था जिसमें कोंच एवं नदीगांव ब्लॉकों में आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण को ग्राम प्रधानों ने आचार संहिता का खुला उल्लंघन बताते हुये आवश्यक कार्यवाही किये जाने और केन्द्रों का निर्माण रोके जाने की मांग की थी। इस मांग के मद्देनजर एसडीएम मोईन उल इस्लाम ने खंड विकास अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को लिखित रूप से 13 जनवरी को ही अवगत करा दिया था कि 4 जनवरी को आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद 11 जनवरी को ग्राम धौरपुर में आंगनबाड़ी केन्द्र का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया। इससे पूर्व भूमि का चयन भी नहीं किया गया। ऐसी स्थिति में कोई भी नया निर्माण आचार संहिता के उल्लंघन की परिधि में आता है। उन्होंने स्पष्टीकरण भी मांगा था कि किन परिस्थितियों में यह निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया और क्यों न इसे आचार संहिता का उल्लंघन मान कर उनके खिलाफ अग्रेतर कार्यवाही हेतु उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया जाये। ग्राम प्रधान संघ के बरिष्ठ पदाधिकरियों प्रधान ऊंचागांव आमोद उदैनिया व प्रधान तूमरा जितेन्द्र पांडे की अगुवाई में दोनों ब्लॉकों कोंच एवं नदीगांव के दर्जनों प्रधानों ने कहा है कि क्षेत्र पंचायत नदीगांव व कोंच अंतर्गत तकरीबन साढे तीन दर्जन आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण का काम चुनाव घोषणा से पूर्व दर्शा कर अब शुरू कराये जाने की कवायद की जा रही है जो आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। यहां चैंकाने बाला तथ्य यह है कि यह कार्य बिना भूमि प्रबंध समिति (ग्रामसभा) के प्रस्ताव के ही शुरू करा दिये गये हैं। उन्होंने जिलाधिकारी और माधौगढ विस के आरओ एसडीएम माधौगढ को भी इस बाबत प्रार्थना पत्र दिया है। जिलाधिकारी को दिये गये पत्र के आधार पर एडीएम ने तहसीलदार भूपाल सिंह को जांच कर रिपोर्ट देने के लिये कहा है।






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