25orai10उरई। जनपद जालौन में भारतीय जनता पार्टी में टिकटों को लेकर कार्यकर्ताओं मचा कोहराम अब सोशल मीडिया में भी वायरल हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल फोटो में भाजपा के प्रदेश महामंत्री स्वतंत्र देव सिंह के पुतले पर अपमानजनक बातों के साथ ही मुर्दावाद के नारे लिखे हुए है।
उल्लेखनीय है कि जिले की तीन सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने जिन प्रत्याशियों की घोषणा की है उसमें उरई सीट से गौरीशंकर वर्मा, माधौगढ सीट से मूलचंद्र निरंजन और कालपी सीट से नरेन्द्र पाल सिंह जादौन को प्रत्याशी बनाया गया है। चूंकि पूर्व विधायक संतराम सिंह सेंगर भाजपा के कद्दावर नेता है और उन्होंने माधौगढ क्षेत्र से जितने भी चुनाव लड़े है उन्होंने पार्टी को भी अपनी ताकत का एहसास कराया है पिछले विधान सभा चुनाव में भी उन्हें पचास हजार से अधिक वोट माधौगढ क्षेत्र में मिला था। यह अलग बात है कि जब प्रदेश में भाजपा आक्सीजन पर चली गई थी तब भी पूर्व विधायक सेंगर ने अपनी ताकत का लोहा मनवाया और यह दिखा दिया था कि माधौगढ क्षेत्र से भाजपा की केवल वहीं नैया पार लगा सकते है। अब जब भाजपा प्रदेश में अपने को अच्छी स्थिति में मानकर चल रही है ऐसे में पूर्व विधायक सेंगर का टिकट कटना उसने समर्थकों को रास नही आ रहा है और क्षत्रिय समाज में जबरदस्त नाराजगी का आलम देखा जा रहा है। कमोवेश यहीं स्थिति भाजपा के लिए ब्राम्हण समाज में भी और भाजपा से जुड़े ब्राम्हण समाज के लोग भी टिकट के वितरण में हुई मनमानी पर उंगली उठा चुके है और एक तरह से भाजपा को ब्राम्हण विरोधी ठहराने में लगे हुए है। जिस तरह से ब्राम्हण एवं क्षत्रिय समाज में भाजपा के टिकटों को लेकर आक्रोश देखा जा रहा है वह अब सोशल मीडिया पर भी जाहिर होने लगा। आज सोशल मीडिया पर वायरल हुई चार फोटो न सिर्फ भाजपा कार्यकर्ताओं के आक्रोश को दर्शा रही है बल्कि जनपद जालौन में ब्राम्हण समाज के साथ ही भाजपा के कद्दावर नेता संतराम सिंह सेंगर की वाट लगाने के लिए भाजपा के प्रदेश महामंत्री स्वतंत्र देव सिंह को जिम्मेदार मान रहे है। सोशल मीडिया पर जो फोटो वायरल हुई है उसमे एक पुतले पर जूता चप्पलों की माला पहनाई गई है जिस पर स्वतंत्र देव सिंह को दलाल महादलाल एवं मुर्दावाद लिखा हुआ है। ऐसा लगता है कि यह फोटो किसी गांव के सभ्रांत परिवार के वाड़े में खींची गई है। हालांकि इन फोटो से यह स्पष्ट नही होता कि स्वतंत्र देव सिंह के पुतले की यह फोटो पूर्व विधायक संतराम सिंह सेंगर के टिकट कटने के आक्रोश का परिणाम है या फिर ब्राम्हण समाज को टिकट न देने से लोगों में फूटा आक्रोश है।

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