उरई। सबसे पहले प्रत्याशियों के नाम तय करने में इतराने वाली बहुजन समाज पार्टी में दूसरे दलों के प्रत्याशियों की सूची सामने आने के बाद धमाचैकड़ी मची हुई है। इस वजह से जिले में अटकलों और अफवाहों का बाजार भी गर्म हो रहा है। अभी तक बहुजन समाज पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा तो नही हुई लेकिन आधिकारिक सूत्र बता रहे हैं कि पार्टी नेतृत्व ने उरई सदर सीट से अजय सिंह पंकज की जगह पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विजय चैधरी का नाम तय कर दिया है।
बहुजन समाज पार्टी में दूसरी पार्टियों के प्रत्याशियों के नाम सामने आने के बाद पहले से तय प्रत्याशियों को बदलने के शुरू हुए खेल की चपेट में जालौन जिले की तीनों सीटें भी आ गई हैं। बुधवार की रात से ही सोशल मीडिया पर उरई सदर सीट के प्रत्याशी अजय सिंह पंकज की बजाय बसपा सुप्रीमों मायावती द्वारा विजय चैधरी को चुनाव लड़ने की हरी झंडी दिये जाने की खबरे छाई हुई हैं। इसी बीच खुद विजय चैधरी ने भी गुरुवार को सुबह अपने लोगों से इस खबर को कन्फर्म कर दिया है। विजय चैधरी के बसपा से मैदान में आने की खबर से उरई सदर सीट के अभी तक के समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं।
उधर कालपी सीट पर छोटे सिंह चैहान की उम्मीदवारी निरस्त की जाने की भी खबरें गरम हैं। बसपा में गहरी पैठ रखने वाले लोगों तक ने बताया कि पूर्व विधायक छोटे सिंह चैहान की जगह बसपा हाईकमान ने इंद्रपाल चुर्खी को उम्मीदवार बना दिया है। इंद्रपाल का नाम एक साल पहले भी तत्कालीन विधानसभा प्रभारी छुन्ना पाल की जगह पार्टी ने तय किया था लेकिन बाद में रीता बहुगुणा के लखनऊ स्थित आवास को जला डालने में आरोपित रहे जितेंद्र बबलू की मजबूत पैरोकारी के चलते पार्टी ने पूर्व विधायक छोटे सिंह चैहान को फिर सदस्यता देकर 2017 के चुनाव के लिए कालपी क्षेत्र से उम्मीदवार बनाने की हरी झंडी दे डाली थी। लेकिन कालपी क्षेत्र में कांग्रेस से उमाकांति की उम्मीदवारी बहाल रखे जाने की आधिकारिक घोषणा होते ही बसपा हाईकमान का छोटे सिंह से मोह भंग हो गया। हालांकि उनका टिकट रदद किये जाने और इंद्रपाल को उनकी जगह उम्मीदवार बनाये जाने का कोई आधिकारिक एलान बसपा की ओर से अभी तक नही हुआ है। उधर यह भी बताया जा रहा है कि बुधवार की रात इंद्रपाल द्वारा की गई मुलाकात के बाद खनिज व्यापारी विजय चैधरी ने भी लखनऊ में मायावती से मुलाकात की है।
माधौगढ़ सीट पर भी बसपा का विचार कांग्रेस से विनोद चतुर्वेदी की उम्मीदवारी तय होने के बाद डावाडोल होने लगा। सुबह तक खबरे गर्म रही कि बसपा ने गिरीश अवस्थी का पहले से तयशुदा नाम वापस लेने का फैसला लिया है। लेकिन बाद में यह खबरें मिली कि उनकी जगह वर्तमान विधायक संतराम कुशवाहा का नाम तय किया जा रहा था लेकिन पार्टी की अपरिहार्य शर्त पूरा करने में सक्षम न होने की वजह से विचार बदल दिया गया। गिरीश अवस्थी के खेमें के लोग बता रहे हैं कि उन्हें पूरी कटिबद्धता से चुनाव तैयारियों में जुटे रहने का आदेश मिल चुका है और वे आश्वस्त हैं।







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