उरई(। सदर विधायक दयाशंकर वर्मा को अपना टिकट बहाल कराने की कोशिशों में असफलता ही हाथ लगी। पार्टी हाईकमान के सामने उनकी दाल नही गल पाई।
समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने उरई जालौन सुरक्षित विधान सभा क्षेत्र से महेन्द्र कठेरिया को प्रत्याशी घोषित किया है जबकि इसके पहले सदर विधायक दयाशंकर वर्मा को प्रत्याशी बनाया गया था। कांग्रेस के साथ गठबंधन होने पर समाजवादी पार्टी के खाते में उरई सुरक्षित सीट मौजूदा विधायक के नाते सपा के सुपुर्द की गई थी । जहां तक सदर विधायक दयाशंकर की बात है तो उनकी जगह महेन्द्र कठेरिया के उम्मीदवार घोषित होने पर उन्होने लखनऊ में पार्टी नेतृत्व से अभयदान के लिए डेरा दाल दिया । इस क्रम में काफी प्रयास के बाद भी दयाशंकर को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से बात करने का भी मौका नही मिल सका। दयाशंकर वर्मा के टिकट कटने के पीछे पार्टी में गुटवाजी के साथ ही उनके कारनामों से कार्यकर्ताओं में व्याप्त नाराजगी को भी कारण माना जा रहा है। इसबीच कहा जाता है कि दयाशंकर वर्मा एवं उनके गुट के लोगों ने जिस तरह से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी महेन्द्र कठेरिया के चुनाव प्रचार को बाधित करने तथा पल-पल पर नई-नई खबरे मीडिया में प्रोजेक्टकराने का अभियान छेड़ा
उससे पार्टी के वरिष्ठ नेता भी उनके कन्नी काट गए और इन्ही शिकायतों के चलते सदर विधायक दयाशंकर वर्मा से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुलाकात करना मुनासिब नही समझा।
उससे पार्टी के वरिष्ठ नेता भी उनके कन्नी काट गए और इन्ही शिकायतों के चलते सदर विधायक दयाशंकर वर्मा से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुलाकात करना मुनासिब नही समझा। समाजवादी सैनिक प्रकोष्ठ उत्तर प्रदेश के कोषाध्यक्ष जयदेव सिंह यादव ने उरई जालौन सुरक्षित क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी घोषित किए गए महेन्द्र कठेरिया का टिकट कटने की अफवाह फैलाने वाले पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी कि वह इस तरह की अफवाह फैलाने से बाज आए और पार्टी प्रत्याशी के चुनाव प्रचार का हिस्सा बने वरना उनकी शिकायत पार्टी हाईकमान से की जाएगी। उन्होंने कहा कि बेहतर होगा कि अब किसी का टिकट कटने और किसी दूसरे का कराने की अफवाह बंद कर दे। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के जो नेता एवं कार्यकर्ता पार्टी का झंडा लगाकर घूम रहे है या जो अपने आपको समाजवादी पार्टी का नेता या कार्यकर्ता कहते है वह अभी से महेन्द्र कठेरिया के चुनाव प्रचार में जुट जाए जिससे उरई जालौन सुरक्षित सीट पार्टी के खाते में जाए और अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री पद पर बरकरार रखा जा सके। उन्होंने साफ किया कि अगर पार्टी का कोई भी नेता गलत अफवाह फैलाता पाया गया तो उसकी शिकायत मुख्यमंत्री से ही जाएगी।






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