कोंच-उरई। कल पेश होने जा रहे रेल और आम बजट में पिछले साल स्वीकृत हुई दो रेल परियोजनाओं के लिये सरकार धन की व्यवस्था करने जा रही है या अबकी दफा इन लाइनों को बिसराया जा रहा है। इस बात पर इलाकाई लोगों की नजरें गहरे तक गड़ी हैं। लोगों का मानना है कि केन्द्र में भाजपा सरकार आने के बाद इलाकाई लोगों को ये रेल लाइनें नेमत के तौर पर मिलीं हैं लेकिन इन पर काम आगे बढे, इस दिशा में सांसद भानुप्रताप वर्मा क्या पैरोकारी कर पाते हैं, यह देखना बाकई दिलचस्प होगा।
रेल सेवा को लेकर संवेदनशील रहने बाले सुनील लोहिया द्वारा पिछले दिनों रेल मंत्री को सात सूत्रीय मांग पत्र दिया गया था जिस पर संज्ञान लेते हुये इलाकाई सांसद भानुप्रताप वर्मा ने रेल मंत्री सुरेश प्रभु से मुलाकात कर उक्त मांग पत्र के संदर्भ में रेल मंत्री को पत्र दिया जिसमें बुंदेलखंड इलाके में रेल विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिये थे। उनका खास फोकस पिछले रेल बजट में स्वीकृत भिंड-कोंच तथा उरई-महोबा के बीच नई रेल परियोजनाओं के लिये आगामी बजट में धन उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। लोहिया का मानना है कि रेल लाइनों के विस्तार से इस बपछड़े इलाके के लाखों लोगों के लिये विकास के मार्ग खुलेंगे। थोक मैंथा गल्ला व्यापारी कल्याण समिति के अध्यक्ष अजय रावत का मानना है कि अगर इन परियोजनाओं पर काम आगे नहीं बढता है तो माना जायेगा कि सरकार ने केवल तुष्टीकरण की नीति पर काम किया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को नई परियोजनाओं की घोषणा करने के बजाये पुरानी परियोजनाओं को समृद्घ करने की नीति पर आगे बढना चाहिये और जिले की इन दोनों नई रेल परियोजनाओं के लिये बजट में धन की व्यवस्था जरूर करनी चाहिये। नपा सभासद राघवेन्द्र तिवारी का कहना है कि कोंच-एट रेल लाइन डले एक सौ तेरह साल हो गये और इस लंबी अवधि में रेल सेवा विस्तार की बजाये सुविधाओं में लगातार कटौती की जाती रही है जिसके चलते विकास के मामले में यह इलाका बिल्कुल पिछड़ गया है। यदि इस रेल और आम बजट में इन परियोजनाओं पर बात आगे बढती है तो यह क्षेत्र भी विकास की मुख्य धारा में आते देर नहीं लगेगी।
फोटो- राघवेन्द्र तिवारी, अजय रावत, सुनील लोहिया






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