उरई। क्राइम कंटोल में पूरी तरह फेल हो चुकी उरई कोतवाली पुलिस बदमाशों द्वारा दी गई चुनौती को स्वीकार नहीं कर पा रही है। शहर के भीड़भाड़ वाले इलाके में डकैती की वारदात मामले में दो दिन बीतने के बाद पुलिस के हाथ अब भी खाली हैैं। बदमाशों की तस्वीर सीसीटीवी कैमरों में कैद होने के बाद भी पुलिस अब तक इनकी पहचान नहीं कर पाई है। पुलिस की लापरवाह कार्यशैली को लेकर सर्राफा व्यापारियों में काफी आक्रोश है। वहीं पुलिस अब भी हवा में तीर चला रही है। सर्राफा व्यापारी राजीव महेश्वरी के सुभाष नगर स्थित मकान पर बुधवार की रात आधा दर्जन सशस्त्र बदमाशों ने धावा बोल दिया था और घर पर रखे लाखों रुपए कीमत की नगदी व जेवरात ले गए थे। वारदात के दौरान परिजनों की बदमाशों से हाथापाई भी हुई थी। यह पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। डिप्टीगंज चौकी से चंद कदम की दूरी पर भीडभाड वाले इलाके में हुई इस वारदात के बाद भी कोतवाली पुलिस सक्रियता नहीं दिखा पा रही है। सीसीटीवी कैमरों में बदमाशों की तस्वीर मिलने के बाद अभी तक एक भी बदमाश की पहचान नहीं हो पाई है। वहीं इस मामले में पुलिस के हाथ अब तक ऐसा कोई भी सुराग नहीं लगा है जिससे वारदात के आरोपियों तक पहुंचा जा सके। मामले के खुलासे में हो रही देरी से सर्राफा व्यापारियों में काफी आक्रोश नजर आ रहा है। वहीं शहरियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खडे हो रहे हैं। सवाल यह उठ रहा है कि जब चौकी और थाने से चंद कदम की दूरी पर बदमाश इतनी बडी वारदात को अंजाम दे सकते हैं तो दूरदराज के क्षेत्रों में अपराध पर किस तरह से अंकुश लगाया जा सकेगा। इस बारे में शहर कोतवाल संजय कुमार गुप्ता का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही बदमाशों की पहचान करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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