उरई। खाऊ-कमाऊ नीति पर चल रही उरई के राजेंद्र नगर चौकी की पुलिस इन दिनों बदमाशों व अराजकतत्वों की संरक्षणदाता बनी हुई है। पुलिस की शह पर चौकी क्षेत्र में जुए के दर्जनों फड़ संचालित हो रहे हैं और सट्टा माफिया भी सक्रिय हैं जो भोलीभाली जनता को रोजाना लाखों रुपए का चूना लगाने में लगे हैं। इसके अलावा क्षेत्र में अवैध शराब व अवैध गुटखे का कारोबार भी धड़ल्ले से संचालित हो रहा है। चौकी पुलिस की संदेहास्पद कार्यशैली से बदमाशों व अराजकतत्वों को संरक्षण मिल रहा है। इससे क्षेत्र में कभी भी कोई बड़ी वारदात घटित हो सकती है। उगाही व खाऊ-कमाऊ नीति को लेकर इन दिनों उरई के राजेंद्र नगर पुलिस चौकी की पुलिस चर्चा में बनी हुई है। कारण यह है कि चौकी पुलिस की शह पर चौकी क्षेत्र में जगह-जगह जुए के अड्डे संचालित होने लगे हैं जिन पर रोजाना लाखों रुपए की हार-जीत की बाजियां लगाई जा रही हैं। सब कुछ जानते हुए भी चौकी पुलिस अनजान बनकर मौन साधे हुए है। इसके अलावा क्षेत्र में सट्टा माफिया भी तेजी से सक्रिय हैं। क्रिकेट मैचों में जमकर सट्टा लगाया जा रहा है। रोजाना लाखों रुपए के सट्टे का कारोबार इस क्षेत्र में संचालित हो रहा है और इस पर अंकुश लगा पाने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है। इसके अलावा अवैध शराब व गुटखा कारोबार भी इस चौकी क्षेत्र में काफी पनप रहा है। इतना सबकुछ होने के बाद भी चौकी में तैनात पुलिस के जवान मौन साधना कर रहे हैं। आम आदमी को कार्रवाई का भय दिखाकर भय का माहौल पैदा किया जा रहा है। राजेंद्र नगर चौकी के इंचार्ज प्रमोद कुमार वर्मा की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ रही है। कारण यह है कि सब कुछ जानते हुए भी वह किसी भी अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई करने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं। कानून व्यवस्था के नाम पर उन पर क्षेत्र के आम आदमी को डराने व धमकाने का आरोप लग रहा है। सूत्रों की मानें तो यह सभी अवैध कारोबार चौकी इंचार्ज की शह पर ही संचालित हो रहे हैं। इससे क्षेत्र में सक्रिय बदमाशों व अराजकतत्वों को संरक्षण मिला हुआ है। पुलिस द्वारा अराजकतत्वों को दिए जा रहे संरक्षण से कभी भी कोई बड़ी वारदात हो सकती है। चुनावी माहौल में भी चौकी पुलिस की यह कार्यशैली शांतिपूर्ण मतदान के दावे की हवा निकाल सकती है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई कर अराजकतत्वों पर अंकुश लगाया जाए।







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