0 जांच तो चल रही, पर जांच की दिशा अब तक तय नहीं हो पाई
0 सर्राफा व्यापारियों के सब्र का टूट रहा बांध, पुलिस के प्रति रोष
उरई। क्राइम कंटोल में पूरी तरह फेल हो चुकी उरई कोतवाली पुलिस सर्राफ डकैती कांड का खुलासा करने में हांफ रही है। छह दिन बीतने के बाद भी अभी तक पुलिस द्वारा सिर्फ हवा में तीर चलाए जा रहे हैं। डकैती कांड की जांच तो चल रही है पर जांच की दिशा अभी तक तय नहीं हो पाई है। यहां तक की डकैती कांड में सर्राफा व्यापारी के जिस पूर्व नौकर पर शक की सुई घूम रही है उसका भी अभी तक कोई अतापता नहीं है जबकि सीसीटीवी कैमरों में कैद बदमाशों की तस्वीरों की पहचान भी करने में पुलिस अब तक नाकाम ही साबित हुई है। कुल मिलाकर अब तक जिन बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच शुरू की गई है उन सभी बिंदुओं पर पुलिस को असफलता ही हाथ लगी है। अब देखना यह है कि पुलिस की जांच कभी हकीकत के धरातल पर भी आ पाएगी या फिर पुलिस यूं ही हवा में तीर चलाते हुए जांच जारी रहने की बात कहती रहेगी। बहरहाल पुलिस की इस ढुलमुल कार्यशैली को लेकर सर्राफा व्यापारियों के सब्र का बांध भी टूटने वाला है। बीती 1 फरवरी की रात उरई के मोहल्ला सुभाष नगर में सर्राफा व्यापारी राजीव महेश्वरी के घर पर आधा दर्जन से अधिक बदमाशों ने सरेशाम धावा बोल दिया था और घर में रखी नकदी व लाखों रुपए कीमत के जेवरात लूट ले गए थे। मजे की बात तो यह है कि बदमाशों ने जिस जगह पर डकैती की इस वारदात को अंजाम दिया था उससे चंद कदम की दूरी पर ही महिला थाना और डिप्टीगंजी चौकी भी है। घने इलाके और पुलिस के नाके के बीच बदमाश अपने काम को अंजाम देने में सफल हो गए थे। वारदात के दौरान बदमाशों की तस्वीर घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। वारदात के पहले दिन से ही पुलिस ने इन फुटेजों को अपने कब्जे में ले लिया था पर चार दिन बीत चुके हैं और पुलिस अभी तक इन बदमाशों को गिरफ्तार करना तो दूर इनकी ठीक ढंग से पहचान तक नहीं कर पाई है। छोटे-छोटे गुडवर्क को बड़ा-बड़ा दिखाकर अपनी पीठ थपथपाने की आदी हो चुकी उरई कोतवाली पुलिस को डकैती कांड का खुलासा करने में पसीने आ रहे हैं। वारदात को छह दिन बीत चुके हैं और अभी तक पुलिस जांच की दिशा तय नहीं कर पाई है। सिर्फ हवा में तीर चलाए जा रहे हैं। इस वारदात में सर्राफा व्यापारी के एक पूर्व नौकर पर संदेह जताया जा रहा है। उसका भी अभी तक कोई अतापता नहीं है। शुरूआत में पुलिस उसकी इस नौकर की तलाश में कुछ जगहों पर दबिश तो दी पर अब वह भी ठंडे बस्ते में चली गई। वहीं सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई बदमाशों की तस्वीर की पहचान तक पुलिस नहीं कर पाई है। कुल मिलाकर चुनावी मौसम में पुलिस की नाक के नीचे घने इलाके में हुई इस जघन्य वारदात का खुलासा कर पाना कोतवाली पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है जिस पर कोतवाली पुलिस खरी नहीं उतर पा रही है।
शहर कोतवाल को हटाने की मांग
उरई। क्राइम कंटोल में फेल हो चुके शहर कोतवाल को हटाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। सर्राफ डकैती कांड के बाद से अब व्यापारी लगातार इन्हें हटाने की मांग कर रहे हैं। हालांकि खाकी के खौफ के कारण व्यापारी अभी खुलकर इस मांग को नहीं रख पा रहे पर पर्दे के पीछे से वह अपनी इस मांग को गोपनीय तरीके से अधिकारियों तक पहुंचा रहे हैं। अब देखना यह है कि चुनावी माहौल में कानून व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए पुलिस महकमे के अधिकारी उरई कोतवाली पुलिस को कार्रवाई करते हैं या एक बार फिर से चुनावी मौसम में कानून व्यवस्था को लेकर रिस्क लेना चाहेंगे






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