


उरई। केशवदेव तिवारी महाविद्यालय के विद्यार्थी विदाई समारोह में यादों के अहसास में डूब गये। काॅलेज में बिताये गये पलों को प्रेरणा के रूप में आत्मसात कर समाज के लिए उपयोगी बनने का संकल्प लिया। कई विद्यार्थी खुद को भावनाओं में बहने से नहीं रोक पाये।
महाविद्यालय का यह पांचवां समारोह था। ‘बीते हुए पल’ शीर्षक के संपन्न समारोह में बीए और बीएससी वर्ग के विदा हो रहे छात्र-छात्राओं ने अपने मन की बात कही। सभी ने खुलेपन से कहा कि काॅलेज में जो कुछ सीखा वह जीवन भर उनके काम आएगा। मुख्य अतिथि कम्युनिस्ट नेता देवेंद्र शुक्ला ने भी उन्हें राह दिखाई। कहा कि समाज को परिवर्तित करने का पढ़े और कुरीतियों से लड़ें। चेतना के निरंतर विकास ने ही हमें तरक्की का द्वार दिखाना है। उन्होंने कहा कि दुनियां की सबसे पुरानी पुस्तकें वेद हैं। इन पुस्तकों में छिपे ज्ञान ने ही भारत को विश्व गुरू का दर्जा दिलाया था। बुंदेलखंड लाॅ काॅलेज के प्रबंधक शरद शर्मा ने एकाग्रता को बल देकर कहा िकइस गुण के बिना किसी भी क्षेत्र में आगे नही बढ़ा जा सकता। प्रबंध निदेशक शशिकांत द्विवेदी ने काॅलेज से विदा होने वाले सभी विद्यार्थियों को नैतिकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होनें कहा कि विदाई के पल भावुकता बढ़ाते हैं किंतु आगे बढ़ने को मन करना पड़ता है। प्राचार्य डाॅ. राकेश द्विवेदी ने कहा कि अनुशासन, नैतिकता, संयम और विनम्रता के जो गुण विद्यार्थियों ने सीखे हैं वह भविष्य में बहुत उपयोगी सिद्ध होंगे। कार्यक्रम संयोजक संगीता देवी, ऋतु यादव व शक्ति मिश्रा ने कहा कि आगे बढ़ना है तो संकल्प को कभी कमजोर नही पड़ने देना चाहिए। रोशनी, साधना, सृष्टि, प्राची ने पुरानी यादों को ताजा कर कहा कि गुरुजनों से हमने इंसानियत के गुण सीखे। मनिन्दर कुमार, रश्मि, शिवा, संध्या ने बताया कि काॅलेज में अध्ययन कर उन्हें किताबी व सामाजिक ज्ञान प्राप्त हुआ। भावुकता की ओर बढ़ी इन छात्राओं ने कहा कि यादें यदि होठों पर मुस्कान लाती हैं तो आंखों को नम भी बताती हैं। कार्यक्रम प्रभारी शैलेंद्र गुप्ता ने सीनियर स्टूडेंटों के समर्पण को सराहा। कार्यक्रम का संचालन मोहिनी गुप्ता ने किया। इस अवसर पर मानसिंह, सुघर सिंह, केएम शुक्ला, एसपी शुक्ला, पृथ्वीराज, करुणा सागर त्रिपाठी, विपिन चैरसिया, रामकुमार, श्याम सिंह, शैलेंद्र कुमार, दिलीप झा, अर्चना द्विवेदी, पूनम, प्रीति, सिम्मी, आराधना, दीक्षा, नीरू, भारती, दीपाली, वैष्णा, दीप्ति, वंदना, शालिनी, इत्यादि उपस्थित रहीं। नोट बंदी पर हुई प्रतियोगिता में स्थान बनाने वाले विद्यार्थियों में ऋतु यादव, मोहिनी गुप्ता, दीपाली त्रिपाठी, अर्चना द्विवेदी, शिवा तिवारी को पुरस्कृत किया गया।






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