उरई। बीस साल से एक ही स्कूल में जमी रहकर रिकार्ड बनाने की ओर बढ़ रहीं शिक्षिका के और कारनामें भी कम अनोखे नही हैं। स्कूल में क्लास खत्म होने के बाद वे नन्ही बच्चियों से सफाई, धुलाई का काम कराती हैं जबकि बच्चों से स्कूल में बेगार कराने के खिलाफ रोजाना शिक्षकों को चेतावनियां दी जा रही हैं।
यह किस्सा है एट कस्बे के पुराने थाने के पास स्थित कन्या प्राथमिक पाठशाला का। इसमें पदस्थ बहनजी गायत्री श्रीवास्तव पास के ही कैथेरी गांव की रहने वालीं हैं। पिछले बीस साल से वे इस विद्यालय में हैं। पहले सहायक अध्यापिका थीं अब वे ही हैडमास्टर हो गईं हैं लेकिन मजाल है कि कोई उनका विद्यालय से तबादला कर दें।
इसीलिए वे विद्यालय को सरकार के नही अपने नियमों से चलाती हैं। तत्कालीन एडीएम आनंद कुमार देर से आने की आदत के लिए इनकों फटकार चुके थे। जिसके बाद इन्होंने कुछ सप्ताह तक तो टाइम का ध्यान रखा लेकिन इसके बाद उनका लेट पहुंचने का क्रम फिर शुरू हो गया। वे विद्यालय समय से नही पहुंचती तो समय से विद्यालय खुलता भी नही है। इस कारण विद्यालय खुलने तक सफाई कर्मचारी चले जाते हैं जिसकी वजह से क्लास खत्म होने के बाद वे बच्चियों से ही स्कूल परिसर की सफाई, धुलाई की बेगार कराती हैं। हमारे संवाददाता ने बच्चियों को काम करते हुए कैमरे में कैद कर लिया। बीएसए और अन्य अधिकारियों को भी इन तस्वीरों से विद्यालय की यह हकीकत मालूम हो जायेगी। क्या इसके बाद भी वे उक्त शिक्षिका के खिलाफ कोई कार्रवाई कर पायेंगे।






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