उरई। एक और जहां जिला प्रशासन शांतिपूर्ण तरीके से मतदान को लेकर दिन रात एक किए है, वहीं आटा थाना पुलिस इन दिनों खाऊ-कमाऊ नीति पर चल रही है। इसके चलते क्षेत्र में जगह-जगह जुए के फड़ सजने लगे हैं। इसके अलावा अवैध शराब का कारोबार भी तेजी से बढ़ रहा है। सूत्रों की मानें तो इन अराजक तत्वों को पुलिस का संरक्षण मिला हुआ है जिसके चलते क्षेत्र में अराजक तत्व तेजी से सक्रिय हो रहे हैं अगर यही हाल रहा तो प्रशासन के शांतिपूर्ण मतदान के दावे की हवा निकल सकती है। सुरक्षा की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माने जाने वाले आटा थाना की पुलिस अपनी कार्यशैली को लेकर इन दिनों चर्चा में बनी हुई है। कारण यह है कि पुलिस की उदासीनता के चलते कस्बे व थाना क्षेत्र के गांवों में जगह-जगह जुए के फड़ सजने लगे हैं। जिन पर रोजाना लाखों रुपए की हार-जीत की बाजियां लगाई जा रही हैं। भोलेभाले लोग शार्टकट से जल्द से अमीर बनने के लालच में इन फड़ों पर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं और बर्बादी की ओर भी जा रहे हैं। इसके अलावा क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार भी तेजी पकड़ने लगा है। यहां पर अवैध शराब जगह-जगह मिल रही है। कच्ची शराब से लेकर एमपी व हरियाणा की शराब तक थाना क्षेत्र के गांवों में बिक रही है। वहीं सब कुछ जानते हुए भी थाना पुलिस मौन धारण किए है। सूत्रों की मानें तो इन अराजकतत्वों को थाना पुलिस ने मौन तरीके से संरक्षण दे रखा है जिसके चलते पुलिस की ही शह पर जुआ व अवैध शराब का कारोबार दिन दूनी और रात चौगुनी तरीके से बढ़ रहा है। इसे लेकर ग्रामीणों में भी पुलिस की कार्यशैली को लेकर रोष पनप रहा है अगर यही हाल रहा तो जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे शांतिपूर्ण तरीके से मतदान कराने के दावे की हवा निकल सकती है। क्षेत्र में सक्रिय अराजकतत्व किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। लोगों ने मांग की है कि इन अराजकतत्वों के खिलाफ  कार्रवाई की जाए और इन्हें संरक्षण देने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हो।

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