उरई। बहुजन समाज पार्टी में मायावती के बाद दूसरे नंबर के सबसे बड़े स्टार प्रचारक पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा की टाउन हाल मैदान में शनिवार को आयोजित सभा बेहद फीकी रही जिसमें खास तौर से ब्राहमणों की उपस्थिति नगण्य थी। इसे जिले में बसपा के लिए भारी अपशकुन माना जा रहा है।
शुरूआती दौर में बसपा का गढ़ रहे जालौन जिले में इस बार पार्टी का वजूद बुरी तरह लड़खड़ाता नजर आ रहा है। सतीश मिश्रा की सभा में हजार लोग भी न जुड़ पाने से बसपा के जिले में खोखले होते कलेवर की झलक मिलने से पार्टी के तीनों प्रत्याशी स्तब्ध रह गये। सभा में इतनी कम उपस्थिति का अनुमान तो बसपा के प्रतिद्वंदी दलों के नेताओं तक को नही था। बसपा की सभा बुरी फ्लाॅप होने की खबर के बाद प्रतिद्वंदी प्रत्याशियों की बांझे खिल गई हैं।
सतीश चंद्र मिश्रा को बसपा हाईकमान की ओर से ब्राहमणों के मसीहा के रूप में प्रोजेक्ट किया जाता है। इस कारण लोगों की निगाहें सतीश मिश्रा की सभा में आमद करने वाले ब्राहमणों की तादाद गिनने पर टिकी हुई थी लेकिन सतीश मिश्रा उन पर कोई जादू नही चला सके। इक्का-दुक्का ब्राहमणों को छोड़कर इस समुदाय के लोग बल्क में कहीं नजर नही आये जबकि यह सभा तीनों प्रत्याशियों की संयुक्त सभा थी। ब्राहमण ही नही मुसलमानों ने भी सतीश मिश्रा को कोई रिस्पांस नही दिया। बसपा के लिए यह घोर अपशकुन माना जा रहा है।







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