कोंच-उरई । जिले के सैकड़ों बंद नलकूपों को लेकर ‘लाल भाकियू ने व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाते हुये कहा कि विभागीय शिथिलता के कारण हजारों किसान अपनी सूखती फसलें बचाने की जद्दोजेहद कर रहे हैं लेकिन प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। यह आरोप है किसान हितों की पैरोकारी करने बाले प्रमुख संगठन भारतीय किसान यूनियन का जो उसने यहां संपन्न मासिक पेचायत में लगाया है। यूनियन का कहना है कि किसानों की गेहूं फसलें पानी के अभाव में सूख रहीं हैं लेकिन नहरें अभी तक चालू नहीं की गई हैं जिससे किसानों में गुस्सा है।
भाकियू की मासिक पंचायत यहां गल्ला मंडी में महेन्द्र निरंजन वोहरा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। किसानों ने गेहूं की सूखती फसलों को लेकर गहरी चिंता जताते हुये वेतवा नहर प्रखंड प्रथम व द्वितीय की शाखों में अविलंब पानी छोड़े जाने की मांग की है। यूनियन ने व्यवस्थाओं को लेकर भी अपनी भड़ास निकाली, कहा कि जालौन शाख 8-9 किमी पर डाढी मौजा में पुल का निर्माण तो हुआ लेकिन उसमें टेल नहीं बनाये जाने के कारण खेतों की सिंचाई हेतु कुलावों पर पानी ही नहीं पहुंचता है। बर्ष 2015-16 के छूटे किसानों की राहत राशि अभी तक उनके खातों में नहीं पहुंचने पर भी यूनियन ने नाराजगी जताई और पैसा किसानों के खातों में भेजे जाने की मांग की। किसानों ने कहा कि जिले में सरकार द्वारा विश्व बैंक कलस्तर व यूपी स्टेट के नलकूप लगे हैं जिनमें सैकड़ों नलकूप खराब हालत में पड़े होने से सिंचाई नहीं हो पा रही है। ग्राम दिरावटी के नलकूप संख्या 95 तथा सिकरी के नलकूप संख्या 34, 36 की मोटरें खराब होने से खेतों की सिंचाई बाधित है। इन नलकूपों को शीघ्र ही चालू कराया जाये। ग्रामीण इलाकों की बिजली व्यवस्था, कृषि विभाग द्वारा किसानों के लिये संचालित योजनाओं का लाभ नहीं दिये जाने जैसे मुद्दे भी पंचायत में छाये रहे। बताया गया कि वर्मी खाद कंपोस्ट योजना के तहत किसानों का पैसा जमा करा लिया गया है लेकिन अब रुपया बापिस नहीं किया जा रहा है। इस दौरान रामलखन इटा, चतुरसिंह पटेल, बाबूराम निरंजन, शारदा मास्टर, रामस्वरूप शर्मा, रामप्रताप सिंह, जयरामसिंह, ब्रजकिशोर, वीरेन्द्र शाह, चंद्रपाल सिंह, रामस्वरूप मास्टर, प्रतापसिंह, रामसिंह, श्यामसुंदर, काशीप्रसाद, अशोक राठौर, जगदीश रजक आदि मौजूद रहे।

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