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कोंच-उरई । माधौगढ विधान सभा में प्रेक्षक बना कर भेजे गये हिमांचल कैडर के आईएएस अधिकारी डॉ. अजय कुमार शर्मा ने बुंदेलखंड की भौगोलिक स्थिति के बारे में गहन पड़ताल अपनी सामान्य जानकारी के लिये जब की तो उन्हें शिक्षा व्यवस्था की स्थिति से काफी निराशा हुई। यहां कौन कौन सी फसलें किसान पैदा करते हैं, इस बाबत भी उन्होंने बीहड़ इलाकों के किसानों से जानकारी की। स्कूलों में बच्चों की कम उपस्थिति को लेकर उन्होंने कहा भी कि यदि बच्चे पढेंगे नहीं तो देश और समाज कैसे आगे बढेगा।
पोलिंग बूथों पर सुविधाओं की पड़ताल करने निकले माधौगढ विधान सभा के चुनाव प्रेक्षक डॉ. अजय कुमार शर्मा कोंच तहसील के अधिकारियों एसडीएम मोईन उल इस्लाम, तहसीलदार भूपाल सिंह, सीओ नवीन कुमार नायक आदि के साथ उन इलाकों तक गये जो मध्यप्रदेश की अंतर्राज्यीय सीमा पट्टी से सटे हैं। नदीगांव, खजुरी, डांग खजुरी जैसे धुर बीहड़ इन इलाकों के स्कूलों में वहां की शिक्षा व्यवस्था पर भी उन्होंने नजर डाली। स्कूलों में बच्चों की बहुत ही कम हाजिरी को लेकर जब उन्होंने टीचरों से इसका कारण जानना चाहा तो उन्हें हैरान करने बाले जबाब मिले। टीचरों ने उन्हें बताया कि यहां के बच्चे अपने माता पिता के साथ खेतों में काम करने चले जाते हैं इस लिये स्कूलों में उनकी उपस्थिति कम रहती है। जब प्रेक्षक ने टीचरों से कहा कि बच्चों के माता पिता को समझाया नहीं कि अगर बच्चे काम करेंगे तो पढेंगे कैसे, टीचरों का जबाब था कि काफी समझाने के बाद भी अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने के प्रति उदासीन ही हैं। ये जबाब सुन प्रेक्षक को काफी निराशा हुई, उन्होंने कहा भी कि यदि बच्चे पढेंगे नहीं तो देश समाज कैसे तरक्की की राह पर आगे बढ सकेगा? डांग खजुरी के स्कूल में प्रेक्षक ने टीचरों, आंगनबाड़ी और रसोइयों के साथ फोटा सेशन भी कराया। अपनी सामान्य जानकारी के लिये प्रेक्षक ने इन बीहड़ इलाकों में होने बाली खेती बाड़ी के बाबत भी अपना ज्ञान बढाया और किसानों को नई तकनीकें अपना कर उन्नत खेती करने के लिये प्रोत्साहित किया।

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