11orai05उरई। कांग्रेस-सपा की चुनावी दोस्ती दिलों का गठबंधन साबित की जा रही है। इसके मददेनजर सपा के वरिष्ठ नेताओं ने कालपी विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी उमाकांति सिंह के लिए लोगों के घर-घर जाकर वोट मांगे। उमाकांति सिंह के पति और महेबा के पूर्व ब्लाॅक प्रमुख सुरेंद्र सिंह सरसेला सपा के जनाधार वाले नेताओं की इस मदद से गदगद नजर आये।
कालपी विधानसभा क्षेत्र में सिटिंग विधायक उमाकांति सिंह को इस बार कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। जातिगत समीकरणों में पिछली बार की तुलना में आये बदलाव से उमाकांति सिंह बेचैन हैं। जहां उनका सजातीय चैरासी ठाकुर वोट बैंक बसपा प्रत्याशी भी उन्हीं की जाति का होने से 80 प्रतिशत उनके साथ है जो उनके लिए संतोष का विषय है। वहीं ब्राहमण इस बार पहले की तुलना में उनके साथ नही है। ब्राहमणों का सपोर्ट इस बार भारतीय जनता पार्टी को ज्यादा मिल रहा है। लेकिन यादव पिछली बार की तुलना में उनके साथ प्लस हो रहे हैं। मुसलमान भी पिछले चुनाव की तरह ही बल्क में उन्हीं के साथ है।
उमाकांति सिंह के लिए सबसे बड़ा नुकसान पाल वोटों का उनसे मुंह मोड़ना बन गया था। लेकिन सपा के पाल समाज के कददावर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीराम पाल ने कालपी क्षेत्र में पहुंचकर उनको जैसे संजीवनी दे दी है। श्रीराम पाल तीन बार कालपी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इसलिए वे पाल समाज के बच्चे-बच्चे से परिचित हैं। उन्होंने अपने संपर्कों का पूरा लाभ सुरेंद्र सरसेला को दिलाने की नीयत जताई है।
इसी तरह माधौगढ़ के पूर्व विधायक और आज भी जालौन जिले में कुशवाहा समाज की सबसे ताकतवर हस्ती माने जाने वाले शिवराम कुशवाहा ने भी उमाकांति सिंह के पक्ष में गांव-गांव में पसीना बहाया। इस मेहनत का साफ असर दिखाई देने से सुरेंद्र सरसेला की सेना की फिक्र काफूर हो गई और उनका आत्म विश्वास नई बुलंदी पर जा पहुंचा है।

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