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कोंच-उरई। बज रही चुनावी रणभेरी के बीच प्रशासन भी निर्वाचन आयोग की मंशा के अनुरूप अपनी तैयारियों में जुटा है। इस दफा निर्वाचन आयोग द्वारा तमाम नये प्रयोग भी अमल में लाये जा रहे हैं जिनकी जानकारी निर्वाचन कार्य में लगे अधिकारियों कर्मचारियों के अलावा मतदाताओं को भी मुहैया कराये जाने का काम जारी है। शनिवार को कोंच तहसील क्षेत्र में लगने बाले माधौगढ और उरई (सु.) विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूचियों की दुरुस्ती में लगे बीएलओज को एसडीएम मोईन उल इस्लाम ने जरूरी जानकारियां देते हुये फोटोयुक्त मतदाता पर्चियां भी उन्हें थमाईं हैं ताकि वे घर घर जाकर उनका वितरण 18 फरवरी तक सुनिश्चित कर लें। एसडीएम ने साफतौर पर यह जता दिया है कि मतदाता पहचान पत्र ही वोट डालने की गारंटी नहीं है, मतदान की पहली शर्त है वोटर लिस्ट में मतदाता का नाम। किसी भी तरह का पहचान पत्र नहीं होने की स्थिति में फोटोयुक्त वोटर पर्ची से ही वोट डाला जा सकेगा। इस बार वोटर पर्ची का साइज भी ए-4 का आधा किया गया है जिसकी पुश्त पर बूथ का नक्शा भी होगा।
एसडीएम मोईन उल इस्लाम ने शनिवार को दोनों विधानसभा क्षेत्रों के बीएलओज के साथ तहसील सभागार में बैठक की। उन्होंने बताया कि वोटर पर्चियां उन्हें घर घर पहुंचाना है और इन्हें मतदाताओं के हाथों में खुद सौंपना है। बीएलओज को इतनी छूट जरूर दी गई है कि वे एक घर के सभी मतदाताओं के नहीं मिलने पर घर के वयस्क व्यक्ति को सभी पर्चियां दी जा सकती हैं लेकिन उन्हें उस व्यक्ति के हस्ताक्षर अपने रजिस्टर में कराने होंगे ताकि पर्चियां पहुंचने की तस्दीक हो सके। इस कार्य में वे विभिन्न राजनैतिक दलों के एजेंटों को भी साथ रख सकते हैं लेकिन शर्त यह होगी कि वे किसी दल का प्रचार उस दौरान नहीं कर सकेंगे। गौरतलब यह भी है कि प्रत्याशी भी वोटर पर्चियां अपने स्तर से घर घर पहुंचाने का काम करते हैं लेकिन उन पर्चियों पर यदि किसी प्रत्याशी का चुनाव चिन्ह पाया गया तो इसे आचार संहिता का उल्लंघन माना जायेगा और उसके खिलाफ सम्यक कार्यवाही की जायेगी। इस बार वोटर पर्चियों के साथ मतदाता बुकलेट भी वोटरों को दी जा रही है जिसमें मतदान से जुड़ी अहम् जानकारियां होंगी। चुनाव आयोग की कोशिश है कि कम से कम एक बुकलेट हर घर में जरूर पहुंच जाये।
एसडीएम ने बीएलओज को साफ जता दिया है कि मतदाता पहचान पत्र होना वोट डालने की गारंटी नहीं देता है बल्कि मतदान करने की पहली शर्त है कि वोटर लिस्ट में उसका नाम हो, यदि वोटर लिस्ट में नाम नहीं है और मतदाता पहचान पत्र कोई हाथ में लिये घूम रहा है तो वह वोट डालने का अधिकारी नहीं होगा। जो पर्चियां वितरित करने से रह जायेंगीं उनकी सूची बना कर बीएलओ नहीं बंटने के कारण को दर्शाते हुये बापिस करेंगे। उन्होंने स्पष्टï किया कि सभी पर्चियां हर हाल में 18 फरवरी तक घर घर पहुंच जानी चाहिये और बीएलओ को यह प्रमाण पत्र भी देना होगा कि जितनी पर्चियां उसे मिली थीं वे बांटी जा चुकी हैं। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर अबकी दफा सभी पोलिंग स्टेशनों के बाहर कमोवेश तीन तरह के पोस्टर बीएलओज को चस्पा करने होंगे। इन पोस्टर्स में उस पोलिंग से संबंधित सभी प्रकार की जानकारियां उपलब्ध होंगीं। मतदाता पोलिंग बूथ में जाते वक्त क्या करेंगा और क्या नहीं करेगा के अलावा पीठासीन अधिकारी से लेकर प्रेक्षक तक के बारे में सारी जानकारियां उक्त पोस्टर्स में दर्शाई जायेंगीं। एसडीएम ने बताया कि चूंकि कोंच तहसील क्षेत्र में माधौगढ और उरई (सु.) विधानसभा लगती हैं लिहाजा यहां दो प्रेक्षक हैं। माधौगढ विधानसभा के प्रेक्षक डॉ. अजय कुमार शर्मा (9454417185) तथा उरई विधानसभा के प्रक्षक वलिनदेव वर्मा (9485190801) हैं। किसी भी विपरीत परिस्थिति में उनके मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है।

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