उरई। प्रांतीय चिकित्सक सेवा संघ ने महानिदेशालय के समानांतर व्यवस्था किए जाने का विरोध करते हुए इसे महानिदेशालय को कमजोर करने की कोशिश बताते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।
जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में संघ के जिला सचिव डा.आरपी सिंह ने कहा कि महानिदेशालय के समानांतर व्यवस्था बनाते हुए अपर महानिदेशक (प्रशासन) का पद सृजित करके निरंकुश अधिकार प्रदान करते हुए महानिदेशक के अधिकारों का अतिक्रमण कर संवैधानिक संस्था को निरर्थक करने का जो प्रयास किया जा रहा है। यह प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था के लिए पूर्णतया अनुचित होगा। शासन स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के लिए पूर्व से ही सृजित विशेष सचिव के 2 पदों में से एक को उच्चीकृत करते हुए प्रमुख सचिव स्तर का दूसरा पद सचिव स्तर का किया जाना चाहिए तथा अविलंब स्वास्थ्य संवर्ग के अधिकारियों की तैनाती की जानी चाहिए। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो चिकित्सक आंदोलन करने को विवश होंगे। जिलाध्यक्ष डा.आशाराम ने कहा कि प्रांतीय सेवा संवर्ग पहले भी इस मामले का विरोध कर चुका है। संघ को आश्वासन दिया गया था कि महानिदेशक का पद सर्वोच्च संवैधानिक पद के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा। फिर भी ऐसा नहीं किया गया। इस मौके पर डा. केके गुप्ता, डा. संध्या गुप्ता, डा. वीपी सिंह, डा. एके पांडेय मौजूद रहे।







Leave a comment