उरई : नगर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम धमनी में दो पक्षों के बीच हुए संघर्ष के मामले में एक तरफ से पैरवी करने पहुंचे पूर्व सयुस जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मौखरी (जिपं सदस्य पति) की सीओ से नोकझोंक हो गई। जिसके बाद गुस्साए सीओ ने उन्हें हवालात की हवा खिला दी। मामले की जानकारी पर कोतवाली में सपाइयों का जमावड़ा लग गया। जहां घंटों चली जद्दोजहद के बाद लिखित तौर पर माफी मांगने के बाद उन्हें छोड़ा गया।

धमनी गांव में बच्चों के विवाद में दो पक्षों के बीच संघर्ष हो गया। जिसमें गोली चलने से दो लोग घायल हो गए। इस मामले में एक पक्ष की पैरवी करने कोतवाली पहुंचे पूर्व सयुस जिलाध्यक्ष पुलिस पर एक पक्ष का मुकदमा दर्ज करने के लिए दबाव बनाने लगे। इस दौरान उनका कोतवाली में मौजूद सीओ अरूण ¨सह से उनकी नोंकझोंक हो गई। जिस पर पुलिस कार्य में हस्तक्षेप करने को लेकर सीओ सिटी ने उन्हें हवालात में डलवा दिया। इसके जानकारी पर सपा जिलाध्यक्ष समेत कई नेता कोतवाली पहुंचे और पुलिस के साथ पूर्व सयुस जिलाध्यक्ष को छुड़वाने की जद्दोजहद शुरू हो गई। जहां लिखित माफीनामे के बाद सुरेंद्र मौखरी को छोड़ा गया। सीओ सिटी ने बताया कि पूर्व जिलाध्यक्ष सयुस संघर्ष में घायल हुए रामपाल यादव की पैरवी में कोतवाली पहुंचे थे। वह एक पक्ष की ओर से ही मुकदमा दर्ज करने के लिए दबाब बना रहे थे। उन्हें दोनों पक्षों की तहरीर पर कार्रवाई की बात कही गई। तो वह अपने पक्ष को सही बताते हुए मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बनाने लगे। इस बात को लेकर उनकी बहस हो गई। जिसके चलते उन्हें हवालात का रास्ता दिखाया गया। इस पर सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल ¨सह यादव, एमएलसी प्रतिनिधि आरपी निरंजन, समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष हिमांशु ठाकुर, शफीकुर्रहमान समेत कई सपा नेता कोतवाली आए थे। जिनके आश्वासन के साथ लिखित माफीनामा देने तथा खेद व्यक्त करने पर सुरेंद्र मौखरी को छोड़ दिया गया।







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