उरई। आचार संहिता लगने के बाद भले ही प्रशासन सरकार को छोड़कर चुनाव आयोग के प्रभाव में आ जाता हो पर जिले में बिजली विभाग के अधिकारी अभी भी राजनीतिक प्रभाव में काम कर रहे हैं। ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि इन दिनों इसका प्रत्यक्ष उदाहरण देखने को मिल रहा है। उरई के टाउन हाल करमेर रोड पर वर्षों से झूल रहे बिजली के जर्जर तारों को रातोंरात बदल दिया गया है। यह करिश्मा किसी शहरी की शिकायत पर नहीं हुआ बल्कि सूबे के मुखिया अखिलेश यादव के आगमन को लेकर हुआ है। सीएम इन दिनों काम बोलता है का नारा बुलंद कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में वर्षों से समस्या बने जर्जर बिजली के तार इस नारे को पलीता न लगा दें इसका ख्याल रखते हुए बिजली विभाग ने रातोंरात इन तारों को बदलकर सरकार की छवि बनाने का प्रयास किया है। हालांकि इस बारे में विभागीय अधिकारियों की सफाई यह है कि सभा में किसी प्रकार का हादसा न हो इसलिए ऐसा किया गया है पर सवाल यह उठ रहा है कि आखिर मुख्यमंत्री की होने वाली सभा को लेकर ही बिजली विभाग इतना संजीदा क्यों हुआ? इससे पूर्व क्या यह समस्या अधिकारियों की नजर में नहीं थी? सूबे की कुर्सी के लिए रण छिड़ा हुआ है। चुनाव आयोग पूरी सख्ती के साथ इस पर नजर रखे हुए है कि कहीं आचार संहिता का उल्लंघन न हो जाए पर जिले के बिजली विभाग के अधिकारियों को किसी तरह का कोई डर नहीं है। आचार संहिता लागू होने के बाद भी सरकार की अच्छी छवि बनाने के लिए बिजली विभाग के अधिकारी लगातार प्रयासरत हैं। ऐसा ही एक उदाहरण इन दिनों शहर के टाउन हाल करमेर रोड पर देखने को मिल रहा है। टाउन हाल में शनिवार को सूबे के मुखिया अखिलेश यादव प्रत्याशियों के समर्थन में सभा को संबोधित करने आ रहे हैं। एक और प्रशासनिक अधिकारी सुरक्षा व अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में लगे हैं और सपा नेता सभा को सफल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं बिजली विभाग भी सरकार की छवि बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। बताते चलें कि टाउन हाल व करमेर रोड पर जर्जर बिजली के तार कई वर्षों से शहरियों के लिए समस्या बने हुए हैं। दर्जनों टुकड़ों में जुड़े यह तार जमीन की ओर इतने नीचे लटकने लगे थे कि यहां से अगर कोई बड़ा वाहन गुजरता था तो यह तार उस वाहन से टकरा जाते थे। कई बार तो इसके चलते बड़े हादसे तक होने से बच गए। इस संबंध में स्थानीय लोगों द्वारा बिजली विभाग के अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई पर कोई असर नहीं हुआ। अब चूंकि शनिवार को मुख्यमंत्री की यहां पर सभा होनी है और मुख्यमंत्री काम बोलता है का नारा बुलंद कर रहे हैं। ऐसे में कहीं बिजली विभाग का कारनामा न बोल जाए इसे लेकर विभागीय अधिकारी भी हरकत में आ गए। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर गुरुवार को रातोंरात बिजली विभाग के अधिकारियों ने टाउन हाल व करमेर रोड पर जर्जर बिजली के तार हटवा डाले और इसकी जगह बंच लाइन डाल दी गई ताकि सपा मुखिया के काम बोलता है के नारे को पलीता न लग सके। चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद भी बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा इस तरह किसी राजनीतिक दल को फायदा पहुंचाने के लिए जिस तेजी से काम किया गया उससे स्थानीय लोग भी हैरत में हैं। कारण यह है कि आचार संहिता लागू होने के बाद भी बिजली विभाग के अधिकारी चुनाव आयोग की जगह समाजवादी सरकार के प्रभाव में काम करते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि इस मामले को लेकर विभागीय अधिकारी अपनी सफाई भी दे रहे हैं। इस बारे में बिजली विभाग के एसडीओ अजय कुमार सविता का कहना है कि यहां पर मुख्यमंत्री की सभा होने जा रही है। सभा के दौरान किसी प्रकार का कोई हादसा न हो जाए इसके चलते जर्जर बिजली के तारों को बदलकर बंच लाइन डाल दी गई है। इससे स्थानीय लोगों को ही राहत मिलेगी।
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तो क्या सपा को फायदा पहुंचाने के लिए रातोंरात बदल गए तार ?
उरई। मुख्यमंत्री की सभा से ऐन पहले बिजली विभाग द्वारा वर्षों से समस्या बने जर्जर बिजली के तारों को रातोंरात बदलवा देने से बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठना लाजिमी है। इस संबंध में बिजली विभाग के अधिकारी भले ही कुछ भी सफाई दे रहे हों पर सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इससे पहले भी यहां पर सभाएं होती थीं जिसमें हजारों लोग शामिल होते थे तब बिजली विभाग को यह जर्जर तार क्यों दिखाई नहीं दिए? कुछ दिनों पूर्व ही टाउन हाल मैदान में बसपा के स्टार प्रचारक सतीश मिश्रा भी सभा को संबोधित करने आए थे तब बिजली विभाग ने इसे लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि कहीं सपा को फायदा पहुंचाने के लिए यह सब तो नहीं किया गया?
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पानी के लिए भी तरसे लोग उरई। दो दिन से करमेर रोड व स्टेशन रोड पर बिजली सप्लाई बाधित है। तार बदले जाने के कारण गुरुवार की शाम से ही यहां पर बिजली सप्लाई रोक दी गई है जो शुक्रवार को शाम तक चालू नहीं हो सकी। इसके चलते यहां के लोग पानी तक के लिए तरस गए हैं।






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