कोंच-उरई। लालच लोभ में मत फंस जाना, वरना पांच साल पड़े पछताना। दारू मुर्गा साड़ी साया, नहीं चलेगी इसकी माया। महिलाओं ने ठाना है शत प्रतिशत मतदान कराना है, जैसे गगनभेदी नारों के साथ महिला किसान मंच व समर्पण जन कल्याण समिति से जुड़ी महिलाओं बच्चों, युवाओं आदि ने मिलकर ग्रामीण अंचलों में रैली निकाल कर मतदाताओं को जागरूक किया। रैली में भययुक्त होकर अपना अमूल्य मत जरूर डालने के लिये प्रेरित किया गया। अधिकतर महिलायें एवं बच्चे अपने हाथों में नारे लिखी तख्तियां, बैनर, पोस्टर लिये निकले। बीहड़ क्षेत्र में बसे ग्राम ब्योना राजा में घर के चूल्हा चैका का काम छोड़, घूंघट के पट खोल जैसे नारे लगाते गीत गाते पूरे गांव में घूम कर रैली निकाली गई।
मतदाता जागरूकता अभियान का संचालन समर्पण जन कल्याण समिति ने किया व उसके आह्वान पर स्थानीय महिला किसान आरोह मंच, ग्राम विकास जाग्रति मंच के सदस्यों ने बढ चढ़कर भागीदारी की। समर्पण के संयोजक राधेकृष्ण ने उपस्थित मतदाताओं को संबोधित करते हुये कहा कि मतदान करना सभी लोगों का संवैधानिक अधिकार है। गांव का असली विकास तभी होगा जब गांव के विकास के लिये लोग खास तौर पर महिलायें एकजुट हों। उन्होंने कहा कि 23 फरवरी को मतदान पर्व के रूप में मनायें तथा शत प्रतिशत मतदान के लिये अपील की। महिला किसान आरोह मंच की जिला अध्यक्ष गिरजादेवी ने कहा कि महिलाओं को जागना होगा तभी हम देश के विकास में अपनी अहम् भागीदारी निभा सकते हैं। एक अपना मांग पत्र भी बनाया गया। महिलाओं ने एक स्वर में मांग की कि वे दस वर्षों से जमीन में सहखातेदारी का कानून बनाने की लड़ाई प्रदेश स्तर पर लड़ रहीं हैं। 90 प्रतिशत महिलायें खेती किसानी का कार्य करती है फिर भी किसान नहीं कहलाती हैं, अतः पैत्रिक जोत जमीन में सहखातेदारी का कानून बने, कृषि प्रसार प्रषिक्षण में 50 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी हो। समर्पण से बलवीरसिंह, जनजाग्रति मंच के कन्हैयालाल, ग्राम विकास महिला मंच के रामहरी कुशवाहा, मीरादेवी आदि ने अपने विचार रखे। उपस्थित सभी महिलाओं ने हाथों में हाथ ले जनपद जालौन के नक्शे का आकार बना कर सामूहिकता का अहसास कराया तथा बीहड़ क्षेत्र के बसे ग्रामों में मतदाता जागरूकता अभियान की नयी मिशाल पेश की। सामूहिक संकल्प लिया कि हम अपने मताधिकार का प्रयोग सब काम छोड़कर करेंगें व दूसरों को भी प्रेरित करेगें।






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