उरई। नाना के यहां जा रहे किशोर को लिफ्ट देकर बदमाशों ने अपनी बाइक पर बैठा लिया और कुछ दूर चलने के बाद सुनसान जगह उसे तमंचा अड़ा दिया। बदमाशों ने आतंकित कर उसके बैग से 15 हजार रुपये निकाल लिए और भागने लगे। किशोर ने उनके चंगुल से छूटते ही चिल्लाना शुरू कर दिया। इससे दूसरे राहगीर उसके पास आ गये। एक राहगीर ने बात जानने के बाद पुलिस को फोन कर दिया नतीजतन कुछ देर बाद वे बाइक का पैट्रोल खत्म हो जाने की वजह से पकड़ लिए गये।
छिरिया सलेमपुर निवासी संतोष पांचाल का चैदह वर्षीय बेटा अंकित अपने नाना के यहा भदवां जाने के लिए जालौन में कोंच चैराहे पर एक घंटे से बस का इंतजार कर रहा था। इस बीच बाइक सवार दो युवक उसकी परेशानी भांपकर पहुंच गये और उसे अपनी बाइक पर भदवां तक छोड़ देने का भरोसा दिया। लेकिन बाइक जैसे ही सहाव मोड़ पहुंची उन युवकों ने सुनसान देखकर मोटर साइकिल रोक दी। वे खिलौने वाली पिस्टल लिए हुए थे। जिससे अंकित को डराकर उन लोगों ने उसका बैग छीन लिया। बैग में 15 हजार रुपये रखे थे। उन्होंने रुपये निकाल लिए और मोटर साइकिल से भागने लगे।
इसी बीच अंकित ने चिल्लाना शुरू कर दिया। जिससे दूसरे लोग उसके पास पहुंच गये। उनमें से एक ने पुलिस को फोन कर दिया। पुलिस आनन-फानन में मौके पर पहुंच गई और बदमाशों के भागने के रास्ते पर उसने अपनी गाड़ी दौड़ा दी। बीच में युवकों की बाइक का पैट्रोल खत्म हो गया। नतीजतन बाइक छोड़कर वे खेतों की ओर भागे। पुलिस भी उनके पीछे दौड़ पड़ी जिससे वे कुछ ही दूरी पर पकड़ लिए गये। गिरफ्तार युवकों के नाम वैभव सिंह सेंगर निवासी कुठौंदा बजुर्ग और जितेंद्र सिंह निवासी मोहल्ला नारोभास्कर जालौन बताये गये हैं।






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