कोंच-उरई। विधानसभा चुनाव के लिये कल होने बाले मतदान को लेकर पुराने अभ्यस्त मताधिकार का प्रयोग करने वाले मतदाताओं के लिये भले ही कुछ नया नहीं हो लेकिन जो युवा अभी अभी अट्ठारह की उम्र वय में आये हैं और मतदाता सूची का हिस्सा बने हैं उनके लिये कल का मतदान रोमांच पैदा करने बाला है। नव वयस्क मतदाताओं में पहली बार वोट डालने को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। ऐसे ही कुछ मतदाताओं से जब संवाददाता ने बात की तो उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के इस महापर्व में वह भी एक अहम् किरदार हैं, यह सोच कर ही उनके अंदर एक अजीब सी प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है।
अभी-अभी वोटर लिस्ट में आये कपिल रिछारिया का कहना है कि अभी तक वह अपने बड़ों को वोट डालने जाते देखते थे तब मन में यही सोच पैदा होती थी कि काश, वह भी वोटर होते तो अपना जनप्रतिनिधि चुनने का माद्दा रखते। उनका कहना है कि लोकतंत्र में मताधिकार के बहुत कुछ मायने हैं लेकिन बहुत से लोग वोट नहीं डाल कर गैरबाजिब सरकार की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करते हैं। ऐसे ही एक और नई नई बने वोटर राजदा बानो का कहना है कि भारत में विश्व की सबसे बड़ी आबादी युवाओं की है जो बिना किसी दलीय और जातीय बंधन के अपने जनप्रतिनिधि का चुनाव उसकी योग्यता के आधार पर करने को उत्सुक रहती है। उन्होंने कहा कि सही मायने में सही प्रत्याशी को अगर कोई वोट करता है तो वह युवा ही है। रजिया बानो का कहना है कि वह पहली दफा वोट डालने को लेकर काफी रोमांचित हैं, वह कोशिश करेंगी कि कल वक्त से पहले ही बूथ पर पहुंच कर सबसे पहले अपना वोट डालें। उन्होंने माना कि एक अच्छी और लोक हितकारी सरकार चुनने के लिये हर वोटर को अपने सौ काम छोड़ कर वोट डालने जरूर जाना चाहिये। नव वयस्क सोनम राठौर भी कल वोट डालने को लेकर काफी उत्साहित हैं, उनका कहना है कि युवाओं की ये बहुत बड़ी जिम्मेदारी है कि वे वोट तो डालें ही, ऐसे प्रत्याशियों का चुनाव करें जो अपने निजी स्वार्थों को तरजीह देने के बजाये जन हित के कामों में रुचि लेने बाला और ईमानदार प्रत्याशी हो। उन्होंने माना कि जातिवादी और वर्गवादी सोच के कारण ही राजनीति में गंदगी का समावेश हुआ है जिसके लिये जनता ही पूरी तरह जिम्मेदार है।





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