उरई। मतदान के प्रतिशत के निश्चित रूप से मायने होते हैं। मतगणना के पहले इस कारक पर किसी राजनैतिक दल की हार और जीत को लेकर अटकल बाजियां चलती हैं। मतदान के कम-ज्यादा प्रतिशत से परिणाम की दिशा को लेकर अतीत के अनुभवों के आधार पर कुछ मानक तय हो जाते हैं जो उम्मीदवारों की धड़कने मतगणना का समय आने तक बढ़ाते रहते हैं।
आम धारणा यह है कि सुरक्षित निर्वाचन क्षेत्र में मतदान फीका होता है क्योंकि सुरक्षित क्षेत्र में प्रभावशाली प्रत्याशी नही होते। जनरल सीटों पर अक्सर महाबलियों का दंगल रहता है। जिसके रोमांच में मतदाता बढ़चढ़ कर मतदान करते हैं। लेकिन जालौन जिले में अगर इस बार मतदान के प्रतिशत को देखा जाये तो स्थिति उलट गई है। यहां उरई सुरक्षित सीट पर सबसे ज्यादा 62.24 मतदान हुआ और जहां संघर्ष सबसे कड़ा था उस माधौगढ़ सीट पर केवल 57.40 मतदान हो सका जिसे तुलनात्मक तौर पर फीका मतदान ही माना जायेगा।
सामान्य धारणा यह है कि जिले में सबसे ज्यादा वोट दलित डालते हैं। इस कारण कम मतदान का मतलब बसपा का पलड़ा भारी होना लगाया जाता है लेकिन इस बार स्थिति अलग है। भाजपा के खेमे का विश्वास यह है कि मोदी का नेतृत्व उत्तेजनापूर्ण होने से भाजपा के पक्ष में प्रचण्ड लहर है। यहां तक कि सवर्ण मतदाताओं में भी महिलाओं समेत मतदान के लिए जबर्दस्त उमंग रही। जिसके कारण कम मतदान का लाभ भाजपा को मिलेगा।
हालांकि कम मतदान पर समाजवादी पार्टी, कांग्रेस गठबंधन भी कम आशावादी नही है। कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि मोदी की नीतियों से अल्पसंख्यकों में जिस तरह असुरक्षा की भावना गहराई है उसके कारण उनका मतदान सबसे ज्यादा बढ़कर हुआ है। इसलिए कम मतदान में गठबंधन को सर्वाधिक लाभ मिलेगा। जो भी हो लेकिन मतदान के समाप्त होने तक उरई और कालपी सीटों पर जहां तिकोना संघर्ष नजर आ रहा है वहीं माधौगढ़ सीट पर महान दल के प्रत्याशी रविंद्र सिंह मुन्ना ने भी प्रभावशाली उपस्थिति चुनावी मुकाबले में प्रदर्शित की है। इसलिए आसार चतुष्कोणीय संघर्ष के हो गये हैं। माधौगढ़ में भाजपा प्रत्याशी मूलचंद निरंजन की हालत टिकट घोषणा के समय पतली मानी जा रही थी लेकिन आज मतदान का रुख देखने के बाद राजनैतिक पंडितों को अपनी सोच बदलनी पड़ी है। हालांकि इसके बावजूद माधौगढ़ में मतदान प्रतिशत ज्यादा क्यों नही रहा यह एक पहेली है। इन अटकलों की वास्तविकता क्या है यह तो 11 मार्च को चुनाव नतीजे आने के बाद ही उजागर हो सकेगा।





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