कोंच-उरई। यहां समीपस्थ ग्राम जुझारपुरा के उच्च प्राथमिक स्कूल में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया जिसमें तहसीलदार भूपाल सिंह ने राजस्व संबंधित कानूनी जानकारियां देने के अलावा आज के दौर में महामारी की तरह हर घर में पैठ बना चुकी कन्या भू्रण हत्या को लेकर ग्रामीणों को झकझोर दिया। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या न केवल जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है अपितु यह सामाजिक अपराध भी है और आज के तथा-कथित सभ्य समाज के लिये किसी अभिशाप से कम नहीं है।
ग्रामीणों को रोजमर्रा की जिंदगी में दो चार करने वाले कुछ कानूनों की मोटी मोटी जानकारियां उपलब्ध कराने के लिये हर माह विधिक साक्षरता शिविरों का आयोजन किया जाता है। उसी कड़ी में रविवार को तहसील मुख्यालय से लगते गांव जुझारपुरा में तहसीलदार भूपाल सिंह की अध्यक्षता में शिविर का आयोजन उच्च प्राथमिक स्कूल में किया गया। तहसीलदार ने अपना संबोधन महिलाओं के प्रति होने वाले दोयम दर्जे पर केन्द्रित रखते हुये कहा कि आजादी के सत्तर साल बाद भी हमारे समाज में महिलाओं को हेय दृष्टि से देखा जाता है और वे कथित तौर पर घरेलू हिंसा की शिकार होती हैं इसीलिये उनको पर्याप्त संरक्षण देने के लिये कानूनों को और अधिक प्रभावशाली और महिलापरक बनाया गया है। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि छोटे छोटे विवादों को पुलिस और न्यायालय तक ले जाने के कारण आज अदालतों में मुकदमों का बोझ काफी बढ गया है जिसके चलते लोगों को समय से न्याय नहीं मिल पाता है, ग्रामीणों को चाहिये कि ऐसे विवादों को गांव स्तर पर ही मिल बैठ कर सुलझा लें ताकि समय और धन की अनावश्यक हानि से बचा जा सके। उन्होंने शिक्षा के प्रति भी लोगों को जागरूक करते हुये कहा कि यदि बच्चे पढेंगे तो आगे चल कर वे देश और समाज की सेवा में तो अपनी सहभागिता करेंगे ही, समाज में उत्पन्न होने वाली विद्रूपताओं से भी वे डट कर मुकाबला कर पाने की स्थिति में होंगे। हालिया निपटे विस चुनाव में कम वोटिंग प्रतिशत को लेकर भी उन्होंने लोगों को कठघरे में खड़ा करते हुये कहा कि लोग अभी तक अपने वोट की कीमत नहीं समझ सके हैं, कम मतदान की स्थिति में जो भी जनप्रतिनिधि चुन कर आता है वह पूरी आबादी की पसंद नहीं होता है और अपनी जिम्मेदारियां ठीक ढंग से नहीं निभाता है। उन्होंने राजस्व संबंधित कानूनी जानकारियों से भी अवगत कराते हुये दाखिल खारिज आदि के बारे में विस्तार से बताया। शिविर को वरिष्ठ अधिवक्ता पुरुषोत्तमदास रिछारिया, तेजराम जाटव, नवलकिशोर जाटव, रमेश तिवारी आदि ने भी संबोधित किया। संचालन शिक्षक ओमप्रकाश उदैनिया ने किया। प्रधान प्रतिनिधि अनुजप्रताप सिंह ने आभार जताया। इस दौरान लेखपाल रमेशचंद्र, जाहिद काजी, लखनलाल, रामदास, कृष्ण कुमार, महेन्द्र, रामस्वरूप, देशांक गुर्जर, अमन, शिवराम राठौर, शिवकुरा, रामकिसुन, मूलचंद्र, रामबटोले, श्रीपाल दोहरे, बल्लू गुप्ता आदि मौजूद रहे।







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