उरई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उरई की सभा में अवैध खनन के खिलाफ की गई भाषणबाजी से स्थानीय प्रशासन की सांसे फूली हुईं हैं। चुनावी व्यस्तता से फिलहाल राहत मिलते ही प्रशासन ने इस मोर्चे पर कूंदने-फांदने का काम शुरू कर दिया है तांकि अपने फेस सेविंग हो सके।
प्रशासन की इस दिखावटी सक्रियता की जद में आज जालौन में आधा दर्जन बालू-गिटटी से भरे ट्रक आ गये। परिवहन विभाग के अधिकारी बाज की तरह झपट्टा मारने के लिए जालौन में घात लगाये बैठे थे जबकि उनकी भेंट-पूजा करते रहने से निश्ंिचत ट्रक वालों को उनसे किसी तरह के दगा की आशंका नही थी पर जब आधा दर्जन ट्रक परिवहन टीम ने घेर कर खड़े करा लिए तो ट्रक वालों को समझ में आ गया कि प्रशासन की नौकरी पर आ जाये तो अधिकारी किसी के भी मीत नही होते। भले ही उनको कितना ही मेवा वे खिलाते रहे हों। नमक का हक अदा करने के नाम पर परिवहन अधिकारियों ने सिर्फ इतना किया है कि उनका चालान केवल मोटर व्हीकल एक्ट की धाराओं में छुटटी पा ली। जबकि होना यह चाहिए था कि खनन एक्ट में ट्रक वालों पर और जहां से उन्होंने माल भरा था वहां खनन में जुटे माफियाओं पर कार्रवाई होती।

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