कोंच-उरई। अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को देशव्यापी हड़ताल पर गये बैंक कर्मचारियों ने बैंक शाखाओं में तालाबंदी कर दी जिसके कारण लोगों का पैसा नहीं निकल सका और वे परेशान हाल घूमते नजर आये। कुछ बैंकों के तो एटीएम भी बंद पड़े रहे जिन्होंने कोढ में खाज फैलाने का काम किया।
सभी राष्ट्रीयकृत बैंक शाखायें मंगलवार को अपने राष्ट्रीय संगठनों के आह्वान पर हड़ताल पर चले गये और बैंक शाखाओं में ताले लटक गये। पांच दिन बैंक बंद रहने के बाद जैसे तैसे सोमवार को बैंक खुले तो वहां काफी भीड़ भाड़ रही। लोगों को उम्मीद थी कि एकाध दिन में बैंकों का काम काज पटरी पर लौट आयेगा लेकिन मंगलवार को फिर बैंक शाखाओं में तालाबंदी ने ग्राहकों को परेशान करके रख दिया। हालांकि यूनियनों ने एटीएम खुले रखने की बात कही थी और कुछ बैंकों के एटीएम खुले भी किंतु अधिकांश बैंकों के एटीएम भी तालाबंदी के शिकार रहे जिससे लोगों की परेशानियां और भी बढती नजर आईं।
इंसेट में-
बैंकों की हड़ताल का असर छोटे मोटे दुकानदारों पर भी पड़ा, पैसा निकालने सेंट्रल बैंक की स्थानीय शाखा में गये दिनेश राठौर को बैरंग वापिस लौटा पड़ा। उनका कहना था कि कभी सरकार की नोटबंदी तो कभी बैंक यूनियनों की मनमानी का शिकार आम नागरिक हुआ और उसके चार महीने भारी परेशानियों में गुजरे हैं। उन्होंने कहा है कि बैंकें आम जिंदगी का हिस्सा हैं और इनसे लोगों को रोज ही काम पड़ता है लिहाजा इस तरह की हड़तालों पर बैन लगना ही चाहिये ताकि आम जिंदगी पटरी पर बनी रहे।





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