28orai02उरई। रामपुरा पुलिस की दानेदारी की चर्चा सरहद को लांघ कर पड़ोसी राज्य तक फैल चुकी है। अगर ऐसा न होता तो मध्य प्रदेश के खनन माफिया अपनी पुलिस पर भरोसा करने की बजाय रामपुरा पुलिस के ऐतबार की वजह से बिना एमएम-11 के रामपुरा के बिल्ंिडग मैटेरियल के दुकानदारों को रेता सप्लाई न करती।
आजकल रामपुरा में होली मोड़ पर रेता भरे चार-पांच ट्रैक्टरों का दिन भर फेरा लगा रहता है। ये ट्रैक्टर मध्य प्रदेश की सीमा में हो रहे अवैध खनन की रेता भरकर रामपुरा लाते हैं और स्थानीय दुकानदारों को पांच हजार रुपये प्रति ट्राली में सप्लाई करते हैं।
आमदनी का एक हिस्सा इनके द्वारा थाने में चढ़ाया जा रहा है। जिससे वफादारी के लिए जबर्दस्त शोहरत कमा रहा रामपुरा थाने का स्टाॅफ अपनी सीमा में घुसते ही बिना एमएम-11 की रेता लादे ट्रालियों की न केवल पूरी हिफाजत करता है बल्कि रामपुरा थाने की जीप अपने सामने ट्राली को सुरक्षित अनलोड भी कराती है। कारोबार को पूरी तरह स्याह से सफेद बनाने का बीड़ा उठाये पीएम नरेंद्र मोदी नोट बंदी करके कितने लोगों की निंदा आलोचना झेल रहे हैं। लेकिन उनकी चुनौती से परेशान कोयले की दलाली करने वाले लोगों के लिए रामपुरा पुलिस जिस तरह मेहरबान की भूमिका निभा रही है उससे लोगों की जुबान पर अमिताभ बच्चन की फिल्म का वह गाना बरबस ही आ जाता है जिसका कोई नही………।

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