0 कस्बे में दर्जनों हैंडपंप पड़े हैं खराब
0 कई इलाकों में पाइप लाइन नहीं होने के कारण पानी नहीं मिलने की शिकायत
konch5कोंच-उरई। जैसे जैसे बैरोमीटर में पारा ऊंचाई पकड़ रहा है, पेयजल संकट गहराने लगा है। कस्बे की ही अगर बात की जाये तो दर्जनों हैंडपंप दम तोड़ चुके हैं और कई इलाकों में पाइप लाइनें नहीं बिछी होने के कारण पेयजल की अनुपलब्धता बनी हुई है। जल संस्थान के पास तो यही हिसाब नहीं है कि कस्बे में कुल कितने हैंडपंप स्थापित हैं और कितने खराब हैं।
कस्बे के बीच बाजार डाकघर के बाहर लगा हैंडपंप पिछले एक माह से खराब पड़ा है। दुकानदारों ने कई बार शिकायत भी की लेकिन सुनने बाला कोई नहीं है। पालीवाल मार्केट के पास फरफरा देवी मंदिर के पास लगा हैंडपंप भी तकरीबन एक साल से खराब है और दो माह पूर्व जल संस्थान कर्मी इसकी मशीनें आदि भी निकाल ले गये, इस स्थिति में उस इलाके में पेयजल संकट की गंभीरता को समझा जा सकता है। कल्याणराय मंदिर के सामने लगा हैंडपंप भी कई महीनों से पानी देना बंद कर चुका है जिसके चलते आसपास के लोगों को और वहां के दुकानदारों को भी पानी नहीं मिल पा रहा है। मानिक चैक में महिला पेशाबघर के पास लगा हैंडपंप भी तीन माह से खराब पड़ा है लेकिन कई बार लिखित शिकायत और फोन पर सूचना देने के बाद भी जल संस्थान ने इसकी मरम्मत पर संज्ञान नहीं लिया है। इधर, नईबस्ती में सोमनाथ मंदिर के पास लगा हैंडपंप भी दम तोड़ चुका है, इसके अलावा जयप्रकाश नगर में घनी आबादी होने के बाबजूद वहां हैंडपंप स्थापित नहीं होने से भीषण पेयजल किल्लत का आलम बना हुआ है, इलाके में केवल एक हैंडपंप है जिस पर सबेरे से ही मूड़ फुटौव्वल होती है। उधर, मारकंडेयश्वर तिराहे से आगे पालिका क्षेत्र के बाहर नया गांधीनगर इलाके में मेन रोड पर तो पाइप लाइन बिछी है लेकिन आबादी में नहीं बिछी होने के कारण वहां पेयजल की किल्लत इसलिये भी है कि वहां कोई हैंडपंप स्थापित नहीं है। हैरान करने बाली बात यह है कि पेयजल व्यवस्था का जिम्मा ओढने बाला जल संस्थान विभाग यहां तक बता पाने की स्थिति में नहीं है कि कस्बे में कितने हैंडपंप लगे हैं और कितने खराब हैं।
इंसेट में-
konch6पालिका के सभासद अवनेश तिवारी कहते हैं कि जल संस्थान विभाग अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ रहा है जिसके चलते नागरिकों को पानी की जबर्दस्त किल्लत से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि जयप्रकाश नगर मोहल्ले में केवल एक हैंडपंप स्थापित है जिस पर सबेरे सबेरे कमोवेश सैकड़ा भर लोग पानी के लिये रोज ही झगड़ा करने पर आमादा रहते हैं। कई दफा जल संस्थान और जल निगम को इस समस्या के बारे में अवगत कराया जा चुका है लेकिन अभी तक वहां हैंडपंप नहीं स्थापित होना समस्या को और भी विकराल बना रहा है।

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konch7मारकंडेयश्वर तिराहे से लगते नया गांधीनगर इलाके के रहने बाले सुनील कुशवाहा का कहना है कि उरई रोड पर मुंसिफी की तरफ पाइप लाइन बिछी है लेकिन दक्षिण की तरफ बाली आबादी जहां लगभग तीन हजार लोग रहते हैं, में पाइप लाइन नहीं बिछी होने के कारण वहां पानी की घोर किल्लत है। इलाके में केवल एक ही हैंडपंप है जो गरीबों को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने में खुद को असमर्थ पा रहा है। उन्होंने बताया कि इस बाबत वह न केवल विभाग को बल्कि पालिका प्रशासन को भी अवगत करा चुके हैं।

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konch8पालिका चेयरपर्सन प्रतिनिधि विज्ञान विशारद सीरौठिया का कहना है कि उन्होंने भी कई बार जल संस्थान को सारी स्थिति से अवगत कराया है लेकिन हैंडपंपों का नहीं ठीक होना बाकई हैरानी बाली बात है। मारकंडेयश्वर से लगते नया गांधीनगर इलाके में पाइप लाइन को लेकर भी उन्होंने बताया कि यद्यपि यह इलाका पालिका सीमा क्षेत्र से बाहर है लेकिन इलाकाई लोगों की मांग को लेकर आये पत्र के साथ उन्होंने कवरिंग लैटर लगा कर जल संस्थान के उच्च अधिकारियों को भेजा है और आश्वासन भी मिला है कि जल्दी ही लाइन बिछ जायेगी। उन्होंने यह भी बताया कि पालिका की ओर से सौ हैंडपंप स्थापित करने की डिमांड भेजी गई थी जिसमें 84 स्वीकृत हो चुके हैं, आचार संहिता खत्म होने के बाद संभवतः इनकी स्थापना का कार्य शुरू हो जायेगा।

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