28orai01उरई। मतदान के दिन वोट देने के लिए घर से निकलने के बाद गुम हुए ग्रामीण का पता लग गया है। वह पांच दिन से जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में कोमा की हालत में भर्ती था। उसके भांजे ने बताया कि मामा की मोटर साइकिल व नगदी लूट ली गई है। वे अस्पताल कैसे पहुंचे इसे लेकर उनके साथ अनहोनी की आशंका व्यक्त की जा रही है।
23 फरवरी की रात जिला अस्पताल में घायल हालत में एक लावारिस मरीज को भर्ती कराया गया था। उसे होश नही था जिसके कारण वह कौन है और कहां का रहने वाला है इसकी जानकारी नही मिल पाई। अस्पताल स्टाॅफ का कहना है कि 23 फरवरी को रात में ही उन्होंने पुलिस को जानकारी दे दी थी। पुलिस ने इस मामले में क्या किया यह जानकारी उनको अभी तक नही मिली थी। इसी बीच आज लावारिस का भांजा प्रवीण किसी से खबर पाकर अस्पताल आया तो उसने अपने मामा को पहचान लिया।
लावारिस मरीज के बारे में प्रवीण से पता चला कि वे कुठौंद थाने के जमलापुर गांव के निवासी उसके मामा दीपक बाजपेयी हैं जो 23 फरवरी को मतदान के दिन गांव में घर से बाहर आने के बाद लापता हो गये थे। उनकी गुमशुदगी की सूचना भी पहले ही कुठौंद थाने में दर्ज कराई जा चुकी है। पुलिस सड़क हादसे में घायल होने के बाद उन्हें किसी द्वारा अस्पताल पहुंचाये जाने का अनुमान प्रकट कर रही है जबकि प्रवीण का कहना है कि उनकी मोटर साइकिल, मोबाइल और जेब में रखे रुपये गायब हैं। जिससे लगता है कि उनके साथ कोई घटना की गई है। दीपक बाजपेयी अभी तक होश में नही आये हैं। उनके साथ घटी घटना की सही जानकारी के लिए उनके होश में आने का इंतजार किया जा रहा है।

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