0 दो और चुनाव अधिकारी बढाये गये, अब सात लोग करायेंगे चुनाव
0 सदस्य बनाने के लिये दो दिन और मिले, 2 मार्च तक बन सकेंगे सदस्य
कोंच-उरई। बारसंघ कोंच के प्रस्तावित चुनाव में मौजूदा कमेटी द्वारा नामित पांच चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर काफी विवाद बढ गया। हालांकि मौजूदा कमेटी को चुनाव अधिकरियों की नियुक्ति करने का अधिकार इस लिये नहीं रह गया था क्योंकि उनका कार्यकाल समाप्त हो गया था, लेकिन चूंकि कमेटी ने ऐल्डर्स कमेटी से इसका अनुमोदन करा लिया था इसलिये जो पांच चुनाव अधिकारी नामित हुये थे उन्हें शामिल करते हुये दो और चुनाव अधिकारी बढाये गये हैं। अब पांच चुनाव अधिकारी निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न करायेंगे। इसके साथ ही गुजरे कल 28 फरवरी को सदस्यता शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि को दो दिन के लिये और बढा दिया गया है, अब 2 मार्च तक सदस्यता शुल्क जमा कर वकील बार के सदस्य बन सकेंगे।
पिछली 8 फरवरी को बारसंघ कोंच की आमसभा की बैठक हुई थी जिसमें चुनाव कराने पर चर्चा के बाद चुनाव कार्यक्रम तो घोषित कर दिया गया था लेकिन चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति नहीं की गई थी। बाद में 14 फरवरी को बारसंघ अध्यक्ष ने पांच चुनाव अधिकारियों ब्रजेश कुमार मिश्रा, लालजीसिंह गुर्जर, कमलेश चोपड़ा, जितेन्द्र गुर्जर और वीरेन्द्र जाटव को नामित कर ऐल्डर्स कमेटी के तीन सदस्यों से अनुमोदित करा लिया था। यहां गौरतलब यह है कि अव्वल तो मौजूदा बार कमेटी को निर्वाचन अधिकारी नामित करने का अधिकार इसलिये नहीं था क्योंकि उन्होंने कालावधि में चुनाव कराने का फैसला नहीं लिया और मॉडल बाईलॉज के मुताबिक ऐसी स्थिति में चुनाव कराने संबंधी सभी अधिकार ऐल्डर्स कमेटी के पास पहुंच जाते हैं, लेकिन बार के अधिकांश वकीलों ने इस लिये इन चुनाव अधिकारियों को बने रहने की हरी झंडी इस लिये दे दी कि बार कमेटी ने ऐल्डर्स कमेटी से उनका अनुमोदन करा लिया था। इसके बाबजूद बुधवार को कमेटी के पदाधिकारियों महामंत्री अरुणकुमार वाजपेयी व कोषाध्यक्ष रामलखन कुशवाहा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव तिवारी आदि ने इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुये आरोप लगाया कि समूची कमेटी को दरकिनार करते हुये बंद कोठरी में लिये गये इस फैसले को वे मानने के लिये तैयार नहीं हैं। बाद में वे इस शर्त पर राजी हुये कि कम से कम दो और चुनाव अधिकारी बढाये जायें। लिहाजा संजीव तिवारी और राजेन्द्र सिंह निरंजन को भी चुनाव अधिकारी बनाया गया है। इस प्रकार अब पांच के बजाये सात चुनाव अधिकारी निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न करायेंगे। चुनाव अधिकारियों ने विज्ञप्ति जारी कर सदस्य बनाये जाने की तिथि भी दो दिन और बढा दी गई है, लगभग सत्तर वकील ऐसे रह गये हैं सदस्यता शुल्क जमा करने से वंचित रह गये हैं वे 2 मार्च तक अपना सदस्यता शुल्क जमा कर सदस्य बन सकते हैं।
6 को नामांकन, 20 मार्च को होगा मतदान
बारसंघ कोंच के सत्र 2017 के लिये होने जा रहे चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक 2 मार्च तक सदस्यता शुल्क जमा कर सदस्य बन सकेंगे। 3 को मतदाता सूची का अनंतिम प्रकाशन होगा और 4 मार्च को सूची पर आपत्तियां आमंत्रित की गईं हैं, दसी दिन शाम 3 बजे तक निस्तारण करके अंतिम सूची जारी कर दी जायेगी। 6 मार्च को सुबह 10 से शाम 4 बजे तक नामांकन, 7 को नामांकन पत्रों की जांच और 8 मार्च को सुबह 10 से शाम 4 बजे तक नाम बापिसी की तिथि है। आवश्यकता हुई तो 20 मार्च को सुबह 10 से शाम 4 बजे तक मतदान और उसके बाद मतों की गिनती करके परिणाम घोषित कर दिये जायेंगे।
प्रक्रिया पर है एतराज
konch3मौजूदा बार कमेटी के बरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव तिवारी ने चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति में अपनाई गई प्रक्रिया से नाइत्तेफाकी जताते हुये कहा है कि उन्हें बनाये गये चुनाव अधिकारियों के नामों पर ऐतराज कतई नहीं है लेकिन इस प्रक्रिया में पारदर्शिता का पूरी तरह से अभाव देखने को मिला है, यहां तक कि घर बैठ कर चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति कर ली गई और किसी को कानों कान भनक तक नहीं लगने दी गई। वे स्वयं कमेटी में बरिष्ठ उपाध्यक्ष हैं लेकिन उन्हें भी विश्वास में लेने की जरूरत नहीं समझी गई।
फोटो-कोंच3-बारसंघ के बरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव तिवारी
खुली बैठक में होना चाहिये था चयन
konch4बारसंघ कोंच की मौजूदा कमेटी के कोषाध्यक्ष रामलखन कुशवाहा हैरान हैं इस बात को लेकर कि चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति कब और कैसे हो गई। उनका आरोप है कि कुछ लोगों को चुनाव अधिकारियों की टीम में शामिल करने के लिये गजब की गोपनीयता बरती गई है जो बिल्कुल गलत है, कमेटी को यह सब निर्णय अधिवक्ताओं की खुली बैठक बुला कर लेना चाहिये था लेकिन ऐसा न करके बिला बजह विवादों को जन्म दिया गया। 14 फरवरी को बनाये गये चुनाव अधिकारियों के नाम पखवाड़े भर बाद सार्वजनिक होना ठीक नहीं है।

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