उरई। फसल में लागत तक वसूल न होने से परेशान चल रहे युवा किसान ने घर के अंदर फांसी लगाकर आत्म हत्या कर ली है।
नोट बंदी के फैसले के बाद कृषि उपज में गिरावट का जो सिलसिला शुरू हुआ था उसमें अभी तक सुधार नही आ पाया है। इससे सबसे ज्यादा परेशान मटर किसान हैं। चुर्खी थाने के मुसमरिया गांव में ऐसे ही हालातों में 30 वर्षीय गनमन सिंह ने फांसी पर झूलकर जान गंवा दी।
ग्रामीणों और परिजनों ने बताया कि गनमन सिंह लगभग एक सप्ताह से उदास था। उसने अपने खेतों में मटर की फसल की थी। एक तो उसकी फसल अच्छी नही हुई दूसरे नोट बंदी के दौरान मटर के रेट रसातल में पहुंच गये थे। जिसमें अभी भी कोई खास मजबूती नही आ पाई है। इसलिए गनमन सिंह खेत पर पहुंचने के बाद अवसाद में डूब जाता था। फिर भी उसके परिजनों को यह अंदाजा नही हो पाया कि वह कोई अनहोना कदम उठाने वाला है।
शनिवार को सुबह वह पत्नी के साथ खेत पर गया था। दोपहर में खाना खाने का बहाना करके पत्नी को खेत पर ही छोड़कर वह घर चला आया। वह पिता से अलग रहता था जबकि उसके बच्चे स्कूल गये थे। इसलिए घर सूना था कोई उसको रोकने वाला भी नही था। भावावेश में वह फांसी का निश्चय कर बैठा और कोई रोकटोक न होने से उसने इस पर झटपट अमल भी कर डाला।
बाद में जब उसकी बेटी खुशी स्कूल से घर लौटी तो पापा को फांसी पर झूलते देख उसकी चीख निकल गई। इससे पूरा परिवार और गांव इकटठा हो गया। पुलिस को भी घटना की सूचना मिल गई थी जिससे एसओ ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया तांकि पोस्टमार्टम हो सके।

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