05orai01जालौन-उरई। शनिवार को आधी रात के बाद गिटटी भरे ट्रक के पलटने से मृत लौहपीटा परिवार के पोस्टमार्टम के बाद शाम ढले अंत्येष्टि को लेकर बबाल शुरू हो गया। तनाव बढ़ता देख जालौन में कई थानों का फोर्स एकत्र कर लिया गया था। आखिर प्रशासन के दबाब के आगे लौहपीटा समुदाय के लोगों को सरंडर करना पड़ा। पांचों डैडबाॅडी पोस्टमार्टम हाउस से सीधे श्मशान घाट पहुंची जहां उनका वैदिक रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार पुलिस की देखरेख में करा दिया गया।
स्थानीय कोतवाली के सामने पप्पू लौहपीटा के गाड़ी घर पर रात में गिटटी से भरा ट्रक पलट गया जिसमें पप्पू, उसकी पत्नी माया और उसके तीन बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। प्रशासन ने आज दोपहर उरई में पांचों शवों का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम होने तक सूरज डूब चुका था। हिंदू रीति-रिवाज में इसके बाद अंतिम संस्कार नही किया जाता लेकिन पुलिस डैडबाॅडी रात में बनी रहने पर कोई बखेड़ा खड़ा न हो जाये इस आशंका से परेशान थी। इसलिए पुलिस तुरंत अंत्येष्टि के लिए जबर्दस्ती करने लगी। लौहपीटों के कई रिश्तेदार भी घटना सुनकर जालौन आ गये थे। इसके अलावा कुछ स्थानीय लोग भी उनके समर्थन में खड़े हो गये। इनके विरोध प्रदर्शन से तनाव फैलने का खतरा भांप पुलिस ने कोतवाली के गेट सील कर दिये तांकि कोई भीतर न आ पाये। इस बीच दूसरे थानों का काफी फोर्स बुलवा लिया गया।
पुलिस के दबाव के आगे आखिर में लौहपीटा असहाय हो गये। बाद में पुलिस ने अपनी देखरेख में डैडबाॅडी सीधे श्मशान घाट पहुंचाकर उनका सामूहिक अंतिम संस्कार करा दिया।

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